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कोविड से सीख : अति आवश्यक दवाओं के लिए 100 फीसदी आत्मनिर्भर बनेगा भारत, फार्मा क्षेत्र के लिए अगले 25 साल का बनेगा रोडमैप

Fri, 22 Apr 2022 09:02 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 22 Apr 2022 09:02 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 25 से 27 अप्रैल के बीच सातवां अंतरराष्ट्रीय फार्मा और चिकित्सीय उपकरण सम्मेलन होने जा रहा है। बीते साल यह ऑनलाइन हुआ था लेकिन इस बार इसमें भारत सहित दुनिया भर के फार्मा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे।

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Centre to chalk roadmap for pharma medical devices for next 25 years Mansukh Mandaviya Latest News Update
मनसुख मंडाविया - फोटो : पीटीआई

विस्तार

‘वर्ल्ड ऑफ मेडिसिन’ भारत अब तक दवा उत्पादन के लिए दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता 25 फीसदी खत्म कर चुका है। कोरोना महामारी से सीख लेने के बाद सरकार ने तय किया है कि अति आवश्यक दवाओं के लिए देश 100 फीसदी आत्मनिर्भर बनेगा। 

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी देश से 100 फीसदी आयात खत्म नहीं किया जा सकता है लेकिन जिन-जिन वस्तुओं की अति आवश्यकता है उसे लेकर निर्भरता कम जरूर की जा सकती है। पिछले दो वर्षों के दौरान कोरोना महामारी में भारत ने इसे साबित भी किया है। पीपीई किट से लेकर वेंटिलेटर और कोरोना जांच किट्स के अलावा टीका सबसे अहम परिणाम हैं।
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उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक अति आवश्यक दवाओं के लिए करीब 53 तरह के कच्चे माल (एपीआई) ऐसे थे जिनका घरेलू उत्पादन बहुत ही सीमित था। करीब 90 फीसदी से भी ज्यादा माल दूसरे देशों से आता था लेकिन पिछले दो से तीन वर्षों में स्थिति बदल गई। मौजूदा समय में इसका उत्पादन देश के 25 प्लांटों में किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और अन्य बीमा सुरक्षा योजनाओं के जरिये स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई है जिससे भारत में दवा, चिकित्सीय उपकरण इत्यादि की मांग भी बढ़ी है। अब सरकार को इस मांग के साथ साथ दुनिया के दूसरे देशों की आवश्यकता को भी पूरा करना है। इसके लिए कई अहम योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ चीजें हमारे लिए अति आवश्यक श्रेणी में आती हैं। इनका घरेलू उत्पादन और आत्मनिर्भरता बढ़ना जरूरी है क्योंकि देश को कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। बीते दो साल में यह सब देखने को भी मिला है। इनकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसमें दवाएं भी शामिल हैं और चिकित्सीय उपकरण भी।


फार्मा क्षेत्र के आगामी 25 साल पर होगी चर्चा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 25 से 27 अप्रैल के बीच सातवां अंतरराष्ट्रीय फार्मा और चिकित्सीय उपकरण सम्मेलन होने जा रहा है। बीते साल यह ऑनलाइन हुआ था लेकिन इस बार इसमें भारत सहित दुनिया भर के फार्मा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे। भारतीय कंपनियों के सीईओ के साथ केंद्रीय मंत्री की बैठक भी होगी। यह सब इसलिए ताकि फार्मा क्षेत्र को आगे ले जाने के लिए सरकार को नए विचार मिल सकें। ‘मिशन 2047’ का लक्ष्य लेते हुए यह सम्मेलन किया जा रहा है।

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