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Lok Sabha: कोविड के टीकों पर केंद्र ने खर्च किए 36 हजार करोड़ रुपये, जानें देशवासियों को कितनी खुराकें लगीं
Fri, 02 Aug 2024 05:29 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 02 Aug 2024 05:29 PM IST
सार
Lok Sabha: केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त आपूर्ति के लिए कोविड टीकों की खरीद पर लगभग 36 हजार 398 करोड़ रुपये का खर्च किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह बात कही।
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कोरोना टीका (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में कहा कि देश भर में 29 जुलाई तक कोविड-19 वैक्सीन की 220 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत 99 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संगठनों को कोविड-19 टीकों की 3,012 लाख से अधिक खुराक भेजी हैं। वहीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त आपूर्ति के लिए कोविड टीकों की खरीद पर लगभग 36 हजार 398 करोड़ रुपये का खर्च किए गए हैं।
'99 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संगठनों दिए गए वैक्सीन'
राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीकों का आवंटन आनुपातिक लक्षित आबादी, वहां टीकाकरण की प्रगति और टीकों की बर्बादी के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यों के भीतर कोविड टीकों का वितरण राज्य प्रशासन की तरफ से कार्यक्रम की आवश्यकता के अनुसार प्रबंधित किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि भारत ने 'वैक्सीन मैत्री' कार्यक्रम के तहत 99 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संगठनों को कोविड-19 टीकों की कुल 3012.465 लाख खुराकें भेजी हैं।
मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी), इसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ने कोविड-19 टीकों के अनुसंधान और विकास के लिए शिक्षाविदों और उद्योग को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि डीबीटी और बीआईआरएसी की तरफ से कार्यान्वयन एजेंसियों को 533.3 करोड़ रुपये की राशि का निवेश/जारी किया गया है।
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'ICMR ने टीके पर खर्च किए लगभग 60 करोड़ रुपये'
वहीं मिशन कोविड सुरक्षा के तहत वैक्सीन निर्माताओं को उनकी सुविधाओं पर वैक्सीन निर्माण बढ़ाने के लिए 158.4 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने कोविड-19 टीके के विकास पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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'99 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संगठनों दिए गए वैक्सीन'
राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीकों का आवंटन आनुपातिक लक्षित आबादी, वहां टीकाकरण की प्रगति और टीकों की बर्बादी के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यों के भीतर कोविड टीकों का वितरण राज्य प्रशासन की तरफ से कार्यक्रम की आवश्यकता के अनुसार प्रबंधित किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि भारत ने 'वैक्सीन मैत्री' कार्यक्रम के तहत 99 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संगठनों को कोविड-19 टीकों की कुल 3012.465 लाख खुराकें भेजी हैं।
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मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी), इसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ने कोविड-19 टीकों के अनुसंधान और विकास के लिए शिक्षाविदों और उद्योग को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि डीबीटी और बीआईआरएसी की तरफ से कार्यान्वयन एजेंसियों को 533.3 करोड़ रुपये की राशि का निवेश/जारी किया गया है।
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'ICMR ने टीके पर खर्च किए लगभग 60 करोड़ रुपये'
वहीं मिशन कोविड सुरक्षा के तहत वैक्सीन निर्माताओं को उनकी सुविधाओं पर वैक्सीन निर्माण बढ़ाने के लिए 158.4 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने कोविड-19 टीके के विकास पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।