फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Centre implements new monitoring system to prevent antibiotic use in animals News In Hindi

पशुपालन: केंद्र ने पशुओं में एंटीबायोटिक रोकने नया निगरानी तंत्र लागू किया, फार्मा कंपनियों की मांगी सूची

Tue, 10 Jun 2025 05:16 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 10 Jun 2025 05:16 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने पशुओं में एंटीबायोटिक दवाओं के बेतरतीब इस्तेमाल को रोकने नया निगरानी तंत्र बनाया है। इसके लिए केंद्र ने राज्यों से फार्मा कंपनियों और नोडल अधिकारियों की सूची मांगी है। जिसके बाद अब बिना पर्ची बिकने वाली दवाओं पर भी सख्त नियंत्रण होगा ताकि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को रोका जा सके।

विज्ञापन
Centre implements new monitoring system to prevent antibiotic use in animals News In Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : FreePik

विस्तार

पशुओं में एंटीबायोटिक दवाओं के बेतरतीब इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नया निगरानी तंत्र विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्यों से नोडल अधिकारियों और पशु एंटीबायोटिक दवाएं बेचने वाली फार्मा कंपनियों की सूची मांगी गई है। साथ ही, बिना पर्ची के बिकने वाली इन दवाओं पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन


पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशु स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) की बढ़ती समस्या को देखते हुए उठाया है। एएमआर तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस या अन्य रोगाणु एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का इलाज मुश्किल हो जाता है। यह समस्या न सिर्फ पशुओं, बल्कि मनुष्यों के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- आसमान से बरस रही आग: जम्मू से मध्य प्रदेश तक आठ राज्यों के कई हिस्से लू की चपेट में; 12 जून तक के लिए अलर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यों से मांगी जानकारी
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने राज्यों से पशु एंटीबायोटिक बनाने, बेचने और वितरित करने वाली सभी फार्मा कंपनियों की सूची मांगी है। इसके अलावा राज्यों को पशु एंटीबायोटिक दवाएं बनाने, बेचने और वितरित करने वाली कंपनियों की पूरी सूची जमा करनी होगी।


डेयरी और मांस उद्योग में दवाओं का दुरुपयोग
भारत में दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं में संक्रमण रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बार-बार चेतावनी दी है कि पशुओं में एंटीबायोटिक का अंधाधुंध इस्तेमाल मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में सामान्य संक्रमण भी लाइलाज हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें:- All Party Delegation: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से आज मिलेंगे पीएम मोदी; शाम सात बजे यहां होगी बैठक

देश में प्रति 40,000 पशुओं पर मात्र एक चिकित्सक...
भारत में पशु चिकित्सा सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है। आंकड़ों के अनुसार, देश में प्रति 40,000 पशुओं पर मात्र एक पशु चिकित्सक उपलब्ध है। इस कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालक बिना डॉक्टर की सलाह के ही मेडिकल स्टोर्स से एंटीबायोटिक दवाएं खरीद लेते हैं। अक्सर दुकानदार भी बिना पर्ची के इन दवाओं की बिक्री कर देते हैं। इस वजह से इन दवाओं का इस्तेमाल अंधाधुंध बढ़ गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed