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Karnataka: 'ब्रेस्ट मिल्क बिजनेस से जुड़े लाइसेंस रद्द करने के दिए निर्देश'; हाईकोर्ट में केंद्र सरकार का जवाब

Wed, 13 Nov 2024 06:34 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Wed, 13 Nov 2024 06:34 PM IST
सार

याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील बी. विश्वेश्वरैया ने पैकेज्ड ब्रेस्ट मिल्क की 50 मिली. की बोतल और पाउडर ब्रेस्ट मिल्क का 10 ग्राम का पैकेट पेश किया। दोनों की बिक्री कीमत क्रमशः 1,239 रुपये और 313 रुपये बताई गई।

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Centre directs Karnataka government to cancel licenses for commercialisation of breast milk says High Court
कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्र सरकार ने बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट को ब्रेस्ट मिल्क को इकट्ठा करने, और उसका बिजनेस करने की अनुमति देने वाले लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट मुनेगौड़ा नामक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रहा था। सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट के लिए भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अरविंद कामथ ने मुख्य न्यायाधीश एनवी अंजारिया और जस्टिस केवी अरविंद की पीठ को बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने हाल ही में कर्नाटक सरकार को ऐसे लाइसेंसों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
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अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अरविंद कामथ ने कहा, "केंद्र सरकार ने राज्य को ऐसे सभी लाइंसेंस को रद्द करने का निर्देश दिया है। कुछ कंपनियों को आयुर्वेदिक मानदंडों के तहत लाइसेंस प्राप्त हुए थे, जो ब्रेस्ट मिल्क का बिजनेस करने की अनुमति देता है। हालांकि, सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। राज्य ने कुछ लाइसेंस रद्द कर नियम का पालन किया है।"
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याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील बी. विश्वेश्वरैया ने पैकेज्ड ब्रेस्ट मिल्क की 50 मिली. की बोतल और पाउडर ब्रेस्ट मिल्क का 10 ग्राम का पैकेट पेश किया। दोनों की बिक्री कीमत क्रमशः 1,239 रुपये और 313 रुपये बताई गई। कामथ ने बताया कि इस लाइसेंसों को पहले आयुर्वेदिक मानदंडों के तहत जारी किए गए थे, लेकिन हाल ही में इसे रद्द करने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में केंद्रीय मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया और नोटिस जारी किया। इस मामले की अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। 
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