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सुरक्षा पर सियासत: पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक पर केंद्र-राज्य आमने सामने, बंगाल में भी हो चुकी है चुनाव से पहले ऐसी अदावत
Wed, 05 Jan 2022 07:04 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुभाष कुमार
Updated Wed, 05 Jan 2022 07:04 PM IST
सार
10 दिसंबर 2020 को पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली पर भी इस तरह विवाद हुआ था। उस वक्त बंगाल में चुनाव का ऐलान होने वाला था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में होने वाली रैली बुधवार को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गई। सड़क मार्ग से रैली स्थल जा रहे प्रधानमंत्री करीब 20 मिनट फ्लाइओवर पर फंसे रहे। गृह मंत्रालय ने इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऐसा पहली बार नहीं है जब चुनावी रैली में हुई सुरक्षा चूक का मामला केंद्र-राज्य की लड़ाई में नहीं बदला हो। बंगाल चुनाव के दौरान भी ऐसा देखा गया था।
बंगाल में नड्डा की रैली पर हुआ था विवाद
10 दिसंबर 2020 को पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली पर भी इस तरह विवाद हुआ था। उस वक्त बंगाल में चुनाव का ऐलान होने वाला था। रैली से पहले भाजपा ने टीएमसी पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया था। इस मामले भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भाजपा अध्यक्ष की सुरक्षा में चूक को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। वहीं, टीएमसी ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।
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2018 में प्रधानमंत्री की रैली के दौरान गिरा था पंडाल
16 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री की बंगाल के मिदनापुर में रैली थी। रैली के दौरान पंडाल का हिस्सा गिर गया था। इसमें 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रैली बाद प्रधानमंत्री मोदी इन घयालों से मिलने अस्पताल भी गए थे। मामले की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसियों ने इस घटना को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक बताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस रैली की सुरक्षा व्यवस्था में सूबे की ममता बनर्जी सरकार ने गंभीर लापरवाही बरती थी।
अमित शाह की सुरक्षा में चूक पर कई पुलिस वालों पर गिरी थी गाज
बीते 17 दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में आयोजित निषाद रैली में गृहमंत्री अमित शाह की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के एस्कोर्ट गृहमंत्री की फ्लीट को वैकल्पिक मार्ग शहीद पथ पर लेकर चले गए थे, जबकि फ्लीट को लोहिया पथ से जाना था। इसकी वजह से अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद डीसीपी ट्रैफिक रईस अख्तर को पद से हटा कर मुख्यालय में भेज दिया गया था। वहीं, एसीपी यातायात योगेश कुमार को भी यातायात से हटा कर अपराध में भेज दिया और कई ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को नोटिस थमा दिया गया।
सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे प्रधानंमत्री
गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी खराब मौसम की वजह से सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे। रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने सड़क को जाम कर दिया। इस वजह से प्रधानमंत्री का काफिला करीब 20 मिनट फ्लाइओवर पर फंसा रहा। गृह मंत्रालय ने कहा कि पंजाब के हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर ये सब हुआ।
बारिश के कारण सड़क मार्ग से निकले थे प्रधानमंत्री
पंजाब में हुई सुरक्षा चूक पर गृह मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह बठिंडा पहुंचे। यहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। बारिश और खराब दृश्यता के कारण उन्होंने ने लगभग 20 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया। जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो यह तय किया गया कि प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से जाएंगे। डीजीपी पंजाब पुलिस ने जब सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की उसके बाद प्रधानमंत्री का काफिला सड़क मार्ग से निकला। रास्ते में एक फ्लाईओवर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को रोक दिया। इस वजह से प्रधानमंत्री मोदी 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में यह बड़ी चूक है।
गृह मंत्रालय ने मांगी पंजाब सरकार से रिपोर्ट
गृह मंत्रालय का कहना है कि वह इस गंभीर सुरक्षा चूक का संज्ञान ले रहा है और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार को भी इस चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पंजाब के लिए हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री का दौरा बाधित हो गया। राज्य पुलिस को लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री चन्नी ने फोन पर बात करने या इसे हल करने से इनकार कर दिया।
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बंगाल में नड्डा की रैली पर हुआ था विवाद
10 दिसंबर 2020 को पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली पर भी इस तरह विवाद हुआ था। उस वक्त बंगाल में चुनाव का ऐलान होने वाला था। रैली से पहले भाजपा ने टीएमसी पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया था। इस मामले भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भाजपा अध्यक्ष की सुरक्षा में चूक को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। वहीं, टीएमसी ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।
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2018 में प्रधानमंत्री की रैली के दौरान गिरा था पंडाल
16 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री की बंगाल के मिदनापुर में रैली थी। रैली के दौरान पंडाल का हिस्सा गिर गया था। इसमें 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रैली बाद प्रधानमंत्री मोदी इन घयालों से मिलने अस्पताल भी गए थे। मामले की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसियों ने इस घटना को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक बताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस रैली की सुरक्षा व्यवस्था में सूबे की ममता बनर्जी सरकार ने गंभीर लापरवाही बरती थी।
अमित शाह की सुरक्षा में चूक पर कई पुलिस वालों पर गिरी थी गाज
बीते 17 दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में आयोजित निषाद रैली में गृहमंत्री अमित शाह की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के एस्कोर्ट गृहमंत्री की फ्लीट को वैकल्पिक मार्ग शहीद पथ पर लेकर चले गए थे, जबकि फ्लीट को लोहिया पथ से जाना था। इसकी वजह से अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद डीसीपी ट्रैफिक रईस अख्तर को पद से हटा कर मुख्यालय में भेज दिया गया था। वहीं, एसीपी यातायात योगेश कुमार को भी यातायात से हटा कर अपराध में भेज दिया और कई ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को नोटिस थमा दिया गया।
सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे प्रधानंमत्री
गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी खराब मौसम की वजह से सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे। रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने सड़क को जाम कर दिया। इस वजह से प्रधानमंत्री का काफिला करीब 20 मिनट फ्लाइओवर पर फंसा रहा। गृह मंत्रालय ने कहा कि पंजाब के हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर ये सब हुआ।
बारिश के कारण सड़क मार्ग से निकले थे प्रधानमंत्री
पंजाब में हुई सुरक्षा चूक पर गृह मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह बठिंडा पहुंचे। यहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। बारिश और खराब दृश्यता के कारण उन्होंने ने लगभग 20 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया। जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो यह तय किया गया कि प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से जाएंगे। डीजीपी पंजाब पुलिस ने जब सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की उसके बाद प्रधानमंत्री का काफिला सड़क मार्ग से निकला। रास्ते में एक फ्लाईओवर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को रोक दिया। इस वजह से प्रधानमंत्री मोदी 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में यह बड़ी चूक है।
गृह मंत्रालय ने मांगी पंजाब सरकार से रिपोर्ट
गृह मंत्रालय का कहना है कि वह इस गंभीर सुरक्षा चूक का संज्ञान ले रहा है और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार को भी इस चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पंजाब के लिए हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री का दौरा बाधित हो गया। राज्य पुलिस को लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री चन्नी ने फोन पर बात करने या इसे हल करने से इनकार कर दिया।