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लॉकडाउन के बाद भी 48.34 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को करना पड़ सकता है घर से काम

Fri, 15 May 2020 05:48 AM IST
संदीप भट्ट अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Fri, 15 May 2020 05:48 AM IST
सार

  • कार्मिक मंत्रालय ने इस संबंध में एक मसौदे की रूपरेखा तैयार की
  • गोपनीय दस्तावेज या फाइलों पर नहीं होगा काम
  • इंटरनेट सेवाओं का भुगतान भी

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Central govt employees may have to work from home post lockdown, says DoPT

विस्तार

कोरोना वायरस संकट को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों को भविष्य में अलग-अलग कामकाजी घंटों में काम करना पड़ सकता है और कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम रह सकती है। इसके चलते कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद केंद्रीय कर्मियों के लिए ‘घर से काम’ करने के संबंध में एक मसौदे की रूपरेखा तैयार की है। इसमें कहा गया है कि विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों को नीतिगत रूप से एक साल में 15 दिन के लिए घर से काम करने का विकल्प मुहैया करा सकता है। केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या करीब 48.34 लाख है। 

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सभी केंद्रीय विभागों को भेजी गई विज्ञप्ति में डीओपीटी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कई मंत्रालयों के लिए घर से काम करना अनिवार्य कर दिया है। कई मंत्रालय/विभागों ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-कार्यालय सुविधाओं का लाभ उठाकर लॉकडाउन के दौरान कोरोना महामारी से निपटने में बेहतरीन नतीजे दिए और सफलतापूर्वक कामकाज किया। यह केंद्र सरकार में अपनी तरह का पहला अनुभव था। 
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मंत्रालय ने कहा कि ऐसी संभावना है कि निकट भविष्य में केंद्रीय सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहे और कार्य स्थल पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए उन्हें अलग-अलग कामकाजी घंटों में काम करना पड़े। ऐसे में लॉकडाउन खत्म होने के बाद और घर पर ही सरकारी फाइलों और सूचनाओं को हासिल करते हुए सूचना की सुरक्षा सुनिश्चित कर घर से काम करने के लिए एक व्यापक खाका महत्वपूर्ण है। इसी अनुरूप सरकार के कामकाज के सुचारु संचालन के लिए कर्मचारियों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रियाएं तय की गई हैं। 

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इंटरनेट सेवाओं का भुगतान भी

मंत्रालय/विभाग कर्मचारियों को लैपटॉप/डेस्कटॉप के रूप में साजोसामान संबंधी सहयोग मुहैया कराएंगे। उन्हें घर से काम करते हुए इंटरनेट सेवाओं के लिए भुगतान भी किया जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी तो इस संबंध में अलग से दिशानिर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। दिशानिर्देशों के मसौदे में सभी वीआईपी और संसद संबंधी मामलों के लिए अतिरिक्त प्रोटोकॉल का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि ऐसी प्राप्तियों के लिए एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजे जाएंगे। 

गोपनीय दस्तावेज या फाइलों पर नहीं होगा काम...

मसौदे में कहा गया है कि जो मंत्रालय/विभाग ई-कार्यालय मॉड्यूल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं वे समयबद्ध तरीके से अपने सचिवालय और अधीनस्थ कार्यालयों में इसका शीघ्र क्रियान्वयन करेंगे। अभी करीब 75 मंत्रालय/विभाग ई-कार्यालय प्लेटफार्म का सक्रियता से इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें से 57 ने अपने काम का 80 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया है। हालांकि, घर से काम करते हुए गोपनीय दस्तावेज/फाइलों को प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ई-कार्यालय के जरिए किसी गोपनीय सूचना पर काम नहीं किया जाएगा। इसलिए घर से काम करने के दौरान ई-कार्यालय में गोपनीय फाइलों पर काम नहीं किया जाएगा। एनआईसी गृह मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर गोपनीय फाइल/सूचना को हासिल करने के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल का आकलन कर सकती है और इसके लिए उपयुक्त दिशानिर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं का प्रस्ताव दे सकती है।

आधिकारिक लैपटॉप पर केवल आधिकारिक काम ही

मंत्रालय ने कहा कि जिन अधिकारियों को आधिकारिक लैपटॉप मुहैया कराए गए वे यह सुनिश्चित करें कि इन पर केवल आधिकारिक काम ही किया जाए। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि अंतर मंत्रालयी चर्चा, मंत्रालयों के बीच फाइलों के आदान-प्रदान ई-कार्यालय पर सुचारु रूप से हो सकता है। घर से काम करते हुए एनआईसी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का महत्वपूर्ण बैठकों के लिए लाभ उठाना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारी एनआईसी द्वारा उन्हें भेजे वीसी लिंक को एक्टिवेट कर बैठकों में भाग ले सकते हैं। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कार्यालयों में भी जितना संभव हो सके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल करना चाहिए।

21 मई तक मांगी गई टिप्पणी

एनआईसी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए इसे मजबूत करने के लिए कहा गया है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि घर से काम कर रहे अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों में भाग लेते हुए कार्यालय का माहौल बनाए रखने के सभी नियमों का पालन करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के सभी विभागों को 21 मई तक अपनी टिप्पणियां भेजने के लिए कहा गया है, ऐसा न होने पर यह मान लिया जाएगा कि मंत्रालय/विभाग प्रस्तावित मसौदे से सहमत हैं। 

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