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कार्रवाई: सरकार ने देशविरोधी गतिविधियां प्रसारित करने वाले 16 यूट्यूब चैनल ब्लॉक किए, इनमें 10 का भारत से ही हो रहा था संचालन
Tue, 26 Apr 2022 06:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 26 Apr 2022 06:43 PM IST
सार
सरकार ने बयान जारी कर कहा कि इन यूट्यूब चैनलों के जरिए भारत में दहशत पैदा करने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी, असत्यापित जानकारी फैला रहे थे।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रायल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने के लिए 16 यूट्यूब न्यूज चैनल को ब्लॉक कर दिया है। इनमें 10 भारतीय और 6 पाकिस्तान आधारित यूट्यूब न्यूज चैनल हैं।
सरकार ने बयान जारी कर कहा कि इन यूट्यूब चैनलों के जरिए भारत में दहशत पैदा करने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी, असत्यापित जानकारी फैला रहे थे। इन यूट्यूब चैनल के दर्शकों की संख्या 68 करोड़ से अधिक थी। इसमें कहा गया, ‘‘इनमें से किसी भी डिजिटल समाचार प्रकाशक ने मंत्रालय को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के नियम 18 के तहत आवश्यक जानकारी नहीं दी थी।’’
मंत्रालय ने कहा कि ब्लॉक किए गए भारत से संचालित कुछ यूट्यूब चैनलों पर ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही थी जिनमें समुदाय विशेष के लोगों को आतंकवादी बताया जा रहा था और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाई जा रही थी। बयान में कहा गया, ‘‘इस तरह की सामग्री सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने वाली पाई गई।’’
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मंत्रालय ने कहा कि भारत के अनेक यूट्यूब चैनल असत्यापित खबरें और वीडियो प्रसारित कर रहे थे जिनसे समाज के कई वर्गों में भय का माहौल बन सकता था। इसमें कहा गया, ‘‘इनमें, कोविड-19 के कारण देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बारे में झूठे दावे शामिल थे, जिससे प्रवासी कामगारों के लिए भय की स्थिति बन गई, इनके अलावा विभिन्न धार्मिक समुदायों आदि के लिए खतरे के आरोप लगाने वाले मनगढ़ंत दावे भी शामिल हैं। इस तरह की विषयवस्तु देश में सार्वजनिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह पाई गई।’’
मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान के जिन यूट्यूब चैनलों के प्रसारण पर रोक लगाई गई है वे भारत के बारे में सेना, जम्मू कश्मीर और युद्धग्रस्त यूक्रेन के हालात के मद्देनजर विदेश संबंधों जैसे अनेक विषयों पर फर्जी खबरें पोस्ट करने के लिए सुनियोजित तरीके से इस्तेमाल होते पाए गए।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन चैनलों की विषयवस्तु राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता और अखंडता तथा दूसरे देशों के साथ भारत के मित्रवत संबंधों के नजरिये से पूरी तरह झूठी और संवेदनशील पाई गई।’’ मंत्रालय ने पिछले सप्ताह निजी टेलीविजन समाचार चैनलों को परामर्श जारी कर उन्हें आगाह किया था कि झूठे दावे और अपमानजनक सुर्खियों का इस्तेमाल नहीं किया जाए। प्रतिबंधित यूट्यूब चैनलों में एमआरएफ टीवी लाइव, सैनी एजुकेशन रिसर्च, तहफ्फुज-ए-दीन इंडिया और एसबीबी न्यूज शामिल हैं। पाकिस्तान से संचालित यूट्यूब चैनलों में एजे तक पाकिस्तान, डिस्कवर प्वाइंट, रियलिटी चेक्स और द वॉइस ऑफ एशिया शामिल हैं।
अनुराग ठाकुर ने साधा निशाना
इस बीच केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को झूठी खबरें फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों को कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने उन पर निशाना साधा, जो आतंक का माहौल बनाने के साथ सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काते हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने का काम करते हैं। ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत में दहशत फैलाने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी, असत्यापित जानकारी फैलाने के लिए 16 यूट्यूब चैनलों को ब्लाक कर दिया है। हम भविष्य में भी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए इसी तरह की कार्रवाई करना जारी रखेंगे। इन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि गलत सूचना और फर्जी खबरों के खिलाफ कार्रवाई के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
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सरकार ने बयान जारी कर कहा कि इन यूट्यूब चैनलों के जरिए भारत में दहशत पैदा करने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी, असत्यापित जानकारी फैला रहे थे। इन यूट्यूब चैनल के दर्शकों की संख्या 68 करोड़ से अधिक थी। इसमें कहा गया, ‘‘इनमें से किसी भी डिजिटल समाचार प्रकाशक ने मंत्रालय को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के नियम 18 के तहत आवश्यक जानकारी नहीं दी थी।’’
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मंत्रालय ने कहा कि ब्लॉक किए गए भारत से संचालित कुछ यूट्यूब चैनलों पर ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही थी जिनमें समुदाय विशेष के लोगों को आतंकवादी बताया जा रहा था और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाई जा रही थी। बयान में कहा गया, ‘‘इस तरह की सामग्री सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने वाली पाई गई।’’
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मंत्रालय ने कहा कि भारत के अनेक यूट्यूब चैनल असत्यापित खबरें और वीडियो प्रसारित कर रहे थे जिनसे समाज के कई वर्गों में भय का माहौल बन सकता था। इसमें कहा गया, ‘‘इनमें, कोविड-19 के कारण देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बारे में झूठे दावे शामिल थे, जिससे प्रवासी कामगारों के लिए भय की स्थिति बन गई, इनके अलावा विभिन्न धार्मिक समुदायों आदि के लिए खतरे के आरोप लगाने वाले मनगढ़ंत दावे भी शामिल हैं। इस तरह की विषयवस्तु देश में सार्वजनिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह पाई गई।’’
मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान के जिन यूट्यूब चैनलों के प्रसारण पर रोक लगाई गई है वे भारत के बारे में सेना, जम्मू कश्मीर और युद्धग्रस्त यूक्रेन के हालात के मद्देनजर विदेश संबंधों जैसे अनेक विषयों पर फर्जी खबरें पोस्ट करने के लिए सुनियोजित तरीके से इस्तेमाल होते पाए गए।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन चैनलों की विषयवस्तु राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता और अखंडता तथा दूसरे देशों के साथ भारत के मित्रवत संबंधों के नजरिये से पूरी तरह झूठी और संवेदनशील पाई गई।’’ मंत्रालय ने पिछले सप्ताह निजी टेलीविजन समाचार चैनलों को परामर्श जारी कर उन्हें आगाह किया था कि झूठे दावे और अपमानजनक सुर्खियों का इस्तेमाल नहीं किया जाए। प्रतिबंधित यूट्यूब चैनलों में एमआरएफ टीवी लाइव, सैनी एजुकेशन रिसर्च, तहफ्फुज-ए-दीन इंडिया और एसबीबी न्यूज शामिल हैं। पाकिस्तान से संचालित यूट्यूब चैनलों में एजे तक पाकिस्तान, डिस्कवर प्वाइंट, रियलिटी चेक्स और द वॉइस ऑफ एशिया शामिल हैं।
अनुराग ठाकुर ने साधा निशाना
इस बीच केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को झूठी खबरें फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों को कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने उन पर निशाना साधा, जो आतंक का माहौल बनाने के साथ सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काते हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने का काम करते हैं। ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत में दहशत फैलाने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए झूठी, असत्यापित जानकारी फैलाने के लिए 16 यूट्यूब चैनलों को ब्लाक कर दिया है। हम भविष्य में भी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए इसी तरह की कार्रवाई करना जारी रखेंगे। इन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि गलत सूचना और फर्जी खबरों के खिलाफ कार्रवाई के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।