केंद्र सरकार के रिटायर्ड कर्मियों को तोहफा: 28 फीसदी 'डीए' के हिसाब से मिलेंगे वित्तीय फायदे
7th Pay Commission Pensioners Benefits: एक जनवरी 2020 से लेकर 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मियों को उनकी ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश का भुगतान, अब डीए की बढ़ी हुई दरों के आधार पर किया जाएगा। सरकार ने उक्त अवधि के दौरान रिटायर हुए कर्मियों को तीन श्रेणियों में बांट दिया है। उनकी ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश की गणना के लिए डीए की दर मूल वेतन का 21 फीसदी, 24 फीसदी और 28 फीसदी रहेगी...
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केंद्र सरकार ने अपने रिटायर्ड कर्मियों को वित्तीय लाभ देने की घोषणा की है। इनमें वे कर्मचारी शामिल हैं, जो एक जनवरी 2020 और 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए हैं। इन कर्मियों की ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश का भुगतान, जो कि सेवाकाल पूरा होने के बाद एक बार ही मिलता है, सरकार ने उसे सहानुभूति पूर्ण नजर से देखते हुए यह निर्णय लिया है कि उपरोक्त लाभों की गणना बढ़े हुए डीए के अनुसार की जाए। सरकार ने उक्त अवधि के दौरान रिटायर हुए कर्मियों को तीन श्रेणियों में बांटा है। इसके तहत डीए की दर कर्मचारियों के बेसिक वेतन का 21 फीसदी, 24 फीसदी और 28 फीसदी रहेगी।
बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने कोविड-19 की आड़ लेकर सरकारी कर्मियों और पेंशनरों के डीए-डीआर पर रोक लगा दी थी। महामारी के दौरान केंद्रीय कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी तौर से निभाई थी। इन कर्मियों ने पीएम केयर फंड में एक दिन का वेतन भी जमा कराया था। कर्मियों की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सचिव और दूसरे सदस्यों ने डीए और डीआर की राशि जारी करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया था। यहां तक कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी इस मामले में केंद्र सरकार को घेरा था। दो माह पहले केंद्र सरकार ने 11 फीसदी की दर से डीए-डीआर जारी करने का निर्णय लिया था। यह राशि एक जुलाई से दी गई है।
एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए-डीआर फ्रीज
कर्मियों का कहना था कि सरकार ने एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक के डीए-डीआर की बकाया राशि को लेकर कोई बात नहीं की। साथ ही यह आदेश भी जारी कर दिया कि एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए-डीआर फ्रीज कर दिया गया था। उस अवधि में डीए की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। इन 18 महीनों में डीए की दर 17 फीसदी ही मानी जाए। कर्मियों का कहना था कि सरकार ने डीए-डीआर की बकाया राशि न देने के लिए 18 माह में डीए को एक ही दर पर रखा। जेसीएम ने सरकार से मांग की थी कि उक्त अवधि के दौरान जो कर्मी रिटायर हुए हैं या उनकी मौत हो गई है, उन्हें बढ़े हुए डीए का लाभ दिया जाए।
एक जनवरी 2020 से लेकर 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मियों को उनकी ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश का भुगतान, अब डीए की बढ़ी हुई दरों के आधार पर किया जाएगा। सरकार ने उक्त अवधि के दौरान रिटायर हुए कर्मियों को तीन श्रेणियों में बांट दिया है। उनकी ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश की गणना के लिए डीए की दर मूल वेतन का 21 फीसदी, 24 फीसदी और 28 फीसदी रहेगी। जो कर्मी एक जनवरी 2020 से 30 जून 2020 के बीच रिटायर हुए हैं, उनकी डीए दर 21 फीसदी रहेगी। ऐसे कर्मचारी, जो एक जुलाई 2020 से 31 दिसंबर 2020 के बीच रिटायर हुए हैं, उनकी डीए दर 24 फीसदी रहेगी। तीसरी श्रेणी के तहत जो कर्मी एक जनवरी 2021 से 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए हैं, उनकी डीए दर 28 फीसदी रहेगी।