तीसरी लहर पर चिंता: नहीं सुधरे तो बिगडे़ंगे हालात, शादियों-पार्टियों से छह महीने दूर रहें
विशेषज्ञों द्वारा देश में तीसरी लहर की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी देशवासियों को चेताया है।
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमण के कम होते मामला और लॉकडाउन में दी जा रही ढील के बीच मुरादाबाद, मुंबई, दिल्ली समेत देश के कई शहरों में भीड़-भाड़ को देखते हुए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को देशवासियों को आगाह किया है।
सरकार ने कहा है कि लोग नहीं सुधरे तो हालात फिर गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में कम से कम छह महीने तक शादियों और पार्टियों से दूर रहें। वायरस अब भी हम लोगों के बीच स्वरूप बदलकर घूम रहा है।
कोरोना टीके पर बनी विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, छूट मिलते ही लोग भूल करने लगे हैं। कोरोना महामारी के हालात किसी से छिपे नहीं है। वायरस के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है। अनुशासित रहने में सबकी भलाई है। उन्होंने दोहराया कि लोगों को भीड़ से दूरी, मास्क लगाना और टीकाकरण कराना चाहिए।
दरअसल, कर्फ्यू और लॉकडाउन से राहत मिलने के बाद ज्यादातर राज्यों में लोग पहले की तरह बेपरवाह दिखाई देने लगे हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से भी काफी संख्या में लोग हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पहुंचे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इन्हीं तस्वीरों को लेकर सरकार भी चिंतित है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार अगले छह से सात महीने तक का समय लोगों से मांग रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो जाए। वहीं, विशेषज्ञों का भी कहना है कि अगर इसी तरह की स्थिति रही तो देश में तीसरी लहर बहुत तेजी से अगले दो से तीन महीने में देखने को मिल सकती है।
टीका लेने से अस्पताल में भर्ती होने की आशंका 80 फीसदी कम
पॉल ने कहा कि अध्ययनों से पता चलता है कि टीका लेने के बाद व्यक्तियों में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80 फीसदी तक कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने की संभावना भी आठ फीसदी ही है। वहीं, टीकाकरण वाले व्यक्तियों में आईसीयू में भर्ती होने का जोखिम भी छह फीसदी तक ही रहता है।
प्रभावित परिवारों के बच्चों के देखभाल के लिए दिशा-निर्देश जारी
कोरोना के कहर से प्रभावित बच्चों की पढ़ाई, लालन-पालन और पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय और महिला और बाल विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत सभी राज्य सरकारों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है।
513 जिलों में 5 फीसदी से नीचे साप्ताहिक संक्रमण, खुद करें बचाव
देश के 513 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर पांच फीसदी से भी नीचे पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि दूसरी लहर से देश बाहर आ रहा है। लेकिन लोगों को खुद का बचाव स्वयं ही करना होगा। 85 फीसदी नए मामलों में कमी आई है। बीते 11 दिन से देश में एक लाख से कम नए मामले मिल रहे हैं। 27 राज्यों में एक हजार से कम मामले मिल रहे हैं।
वायरस अब भी हमारे बीच मौजूद, हर चुनौती के लिए तैयार रहे देश: पीएम
वायरस इस समय हमारे बीच मौजूद है और उसके म्युटेशन की संभावना बनी हुई है। महामारी की दूसरी लहर ने यह बता दिया है कि वायरस कैसी-कैसी चुनौतियां हमें दे सकता है। देश को हर चुनौती से निपटने के लिये तैयार रहना चाहिए। हमें विज्ञान, सरकार, समाज, संस्था या व्यक्ति के स्तर पर अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
पहली लहर के बाद जो ढील दी, वह गलती फिर न करें: स्वास्थ्य मंत्री
अनलॉक के दौरान पहली लहर के बाद हमने जो ढील दी, वह गलती हमसे कहीं फिर न हो जाए, इसका ध्यान रखना है। लोगों को सही तरीके से मास्क पहनना, आपस में सुरक्षित दूरी रखना, बार-बार हाथ धोना और भीड़भाड़ से बचाव करने जैसे नियमों का अच्छी तरह से पालन करना होगा। ये बचाव ही प्रभावशाली सोशल वैक्सीन का हिस्सा है।-डॉ. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य मंत्री
ऐसी लापरवाही के कारण जल्द आएगी तीसरी लहर: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के बाजारों में कोरोना नियमों के उल्लंघन पर संज्ञान लेते हुए चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही के कारण तीसरी लहर बेहद जल्द आएगी। ऐसे में ऐसी लापरवाही की अनुमति नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह का व्यवहार जारी रहता है तो हम सब बड़ी मुसीबत में होंगे। अगर ऐसा होता है तो ईश्वर हमारी मदद करें।
एक लाख कोरोना योद्धा तैयार करेगी सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देशभर में एक लाख से ज्यादा कोरोना योद्धाओं को तैयार करने के लिए छह प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके तहत कोरोना योद्धाओं को कौशल से लैस किया जाएगा और नई तकनीक सिखाई जाएंगी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यह कार्यक्रम दो से तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत उम्मीदवारों को मुफ्त प्रशिक्षण, कुशल भारत का प्रमाणपत्र, भोजन व आवास सुविधा, काम पर प्रशिक्षण के साथ मानदेय और प्रमाणित उम्मीदवारों को दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा मिलेगा।
कार्यक्रम पूरा होने के बाद उम्मीदवार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों में काम कर सकेंगे। इस कार्यक्रम के लिए 273 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।