टिड्डियों से निपटने के लिए केंद्र ने गुजरात रवाना किए 11 दल, राजस्थान में भी हाल बेहाल
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पाकिस्तान की तरफ से टिड्डियों के हमले से फसलों को हो रहे नुकसान से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 11 टीमें गुजरात भेजी हैं। टिड्डियों के दल ने राजस्थान में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है तथा राज्य को केंद्र की मदद का इंतजार है।
उत्तर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, कच्छ, पाटन और साबरकांठा जिलों में पिछले कुछ दिनों में टिड्डियों ने सरसों, अरंडी, सौंफ, जीरा, कपास, आलू, गेहूं और जटरोफा की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार केंद्र सरकार से राज्य में 11 टीम आई हैं जो टिड्डियों से बचाव के लिए कीटनाशकों के छिड़काव सहित अन्य आवश्यक कदम उठाएंगे और जब तक समस्या का हल नहीं हो जाता, यह टीमें राज्य में ही बनी रहेंगी।
बुधवार को वडोदरा की अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा था कि केंद्र सरकार ने इन टीमों को टिड्डियों से बचाव के लिए राज्य में भेजा है तथा राज्य सरकार भी इसका हल खोज रही है। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग करने के बारे में विचार किया जा रहा है।
राजस्थान में टिड्डियों ने बर्बाद की करोड़ों की फसल
गुजरात के साथ ही राजस्थान के किसानों के लिए टिड्डियों के झुंड परेशानी का सबब बने हुए हैं। टिड्डियों के झुंड ने कई एकड़ में खड़ी करोड़ों की रबी की फसल पूरी तरह से बर्बाद कर दी है। जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर चुरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जालौर, बाड़मेर और नागौर जिले में रबी की फसल की फसल को टिड्डियों ने चट कर दिया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। किसानों को मुआवजा देने के लिए राजस्व अधिकारियों से 2 दिन में फसल खराब होने की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
मालूम हो कि मंगलवार को सीएम अशोक गहलोत ने फसलों को बचाने के लिए समीक्षा बैठक के बाद सीमावर्ती पश्चिमी जिलों में टिड्डियों के हमले से निपटने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त संसाधन मुहैया व सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की थी। बैठक में बताया गया था कि प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में कई माह से टिड्डियों की सक्रियता बनी हुई है। इस पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन के सहयोग से लगातार कार्रवाई की जा रही है। सामान्यत: टिड्डी की सक्रियता अक्तूबर में सर्दियों की शुरूआत के साथ कम हो जाती है। लेकिन इस बार उनका प्रकोप अब भी बना हुआ है।
मई से अबतक 9-10 टिड्डी के झुंड आए राज्य में
मई से अब तक लगभग 9-10 टिड्डी के बड़े झुंड ने राज्य में प्रवेश किया है। मई से अब तक कृषि विभाग ने टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर की मदद से 3.10 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी का नियंत्रण कर फसल व अन्य वनस्पति को बचाया है। इसके लिए 2.21 लाख लीटर से अधिक मेलाथियान रसायन का छिड़काव किया गया है। फसलों को टिड्डी के प्रकोप से बचाने के लिये राज्य सरकार ने अब तक 3 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति जारी की है।