Karnataka: सूखा राहत के लिए केंद्र से कर्नाटक को ₹3454 करोड़, CM सिद्धारमैया बोले- संघर्ष जारी रहेगा
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 13 सितंबर, 2023 को 223 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। 48 लाख हेक्टेयर फसल की क्षति हुई है। इससे 35162 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। हालांकि, केंद्र सरकार से अभी केवल 3454 करोड़ रुपये मिले हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि केंद्र ने राज्य को सूखा राहत देने के लिए 3454 करोड़ रुपए जारी किए हैं। जबकि, कर्नाटक ने केंद्र सरकार से नुकसान की भरपाई के लिए 18171 करोड़ रुपए की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बाद केंद्र ने 3499 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। सीएम ने केंद्र सरकार से जल्द शेष राहत राशि जारी करने का आग्रह किया है। वहीं, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का भी धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 13 सितंबर, 2023 को 223 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। 48 लाख हेक्टेयर फसल की क्षति हुई है। इससे 35162 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। कर्नाटक ने केंद्र सरकार से 18171 करोड़ रुपए मुआवजा मांगा था, जोकि नुकसान का लगभग आधा है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था कर्नाटक
उन्होंने कहा कि केंद्र से मुआवजा मांगने के बाद भी जब नहीं मिला तो राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कर्नाटक ने सुप्रीम कोर्ट को सूखे की सारी स्थिति से अवगत कराया। याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को यकीन हो गया कि केंद्र राजनीतिक कारणों के चलते कर्नाटक के साथ अन्याय कर रहा है। वहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वादा किया कि एक सप्ताह के अंदर कर्नाटक को मुआवजा राशि जारी कर दी जाएगी।
केंद्र ने 3499 करोड़ रुपए किए मंजूर
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के नियमों के अनुसार राज्य को 18171 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना था, लेकिन केंद्र सरकार ने 3498.98 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। हालांकि, केंद्र सरकार ने कर्नाटक को केवल 3454 करोड़ रुपए ही सूखा राहत राशि जारी की है। इसमें न तो भाजपा नेताओं और न ही केंद्र सरकार की कोई भूमिका है। उन्होंने दावा किया, कृषि क्षेत्र और किसानों के प्रति सुप्रीम कोर्ट की चिंता के परिणाम स्वरूप केंद्र को मुआवजा राशि जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
बाकी मुआवजे के लिए जारी रहेगी लड़ाई
वहीं, सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि सूखा राहत राशि जारी करने के पीछे कारण चाहे जो भी हो, मैं केंद्र सरकार का धन्यवाद करना चाहता हूं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द से जल्द बकाया मुआवजा जारी करने का आग्रह करता हूं। इस दौरान सीएम ने कहा कि बाकी राहत राशि के लिए कर्नाटक की लड़ाई जारी रहेगी। इस मामले में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी टिप्पणी की।
Bengaluru: Karnataka Deputy CM DK Shivakumar says, "After all our fight, now Centre has released some funds to Karnataka. What is pathetic is that the BJP is claiming it as its success. We asked for Rs 18,000 crores. It's our right and they have released some Rs 3700 crores.… pic.twitter.com/KIDV0FR8aH
— ANI (@ANI) April 27, 2024