कोरोना वायरस: 18 से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को तीसरी खुराक देने की तैयारी, बूस्टर डोज के बिना विदेश यात्रा में आ रही हैं दिक्कतें
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
कोरोना की तीसरी लहर थमने के बाद एक बार फिर से विश्व के कई देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप समेत कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिर से लॉकडाउन जैसी सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इससे निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में देश 18 वर्ष साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाने की भी योजना बनाई जा रही है।
यह है सरकार की योजना
सूत्रों ने बताया कि इस समय देश में केवल अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही सरकारी केंद्रों पर मुफ्त में या निजी अस्पतालों में खरीदकर बूस्टर खुराक लगवाने की मंजूरी है। इसके अलावा 12 साल से अधिक आयु के बच्चों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जाने लगी है। लेकिन विदेश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों से भारतीयों को तीसरी खुराक के बिना विदेश यात्रा करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार इस बात पर विचार-विमर्श कर रही है कि अन्य समूहों को बूस्टर खुराक मुफ्त में दी जाए या नहीं। भारत में कोविशील्ड की दो डोज के बीच का अंतर घटाकर आठ हफ्ते करने की सिफारिश की गई है।
सीरम इंस्टीट्यूट ने बंद कर दिया था उत्पादन
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने टीके की खुराकों का उत्पादन दिसंबर में बंद कर दिया था, लेकिन उसके पास अब भी 20 करोड़ से अधिक खुराकों का भंडार है। भारत के टीका कार्यक्रम में सीरम के कोविशील्ड टीके का ही ज्यादातर इस्तेमाल हुआ है। कंपनी अब तक 1.9 अरब खुराकों का उत्पादन कर चुकी है। सीरम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बूस्टर या अन्य किसी तरीके की मांग आनी शुरू होती है तो वे टीके का उत्पादन फिर शुरू करेंगे। कोविशील्ड एस्ट्राजेनेका के टीके का संस्करण है।
विपक्ष ने भी संसद में उठाया मामला
60 साल से कम उम्र के लोगों को कोविड टीके की बूस्टर डोज देने के मामले में सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि 60 साल से कम उम्र के लोगों को विदेश जाने में दिक्कत हो रही है। कई यूरोपीय देशों में कोविड के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार को बूस्टर डोज के मामले में नीति बनानी चाहिए।
कोरोना के मामलों में हो सकती है बढ़ोतरी
दुनिया भर में फैली कोरोना वायरस महामारी का यह तीसरा साल है। कई देशों में एक बार फिर कोविड-19 का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कोरोना के ओमिक्रॉन बीए.2 वैरिएंट से संक्रमण के ज्यादातर मामले सामने आ रहे हैं। अमेरिका के शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फौसी ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में आने वाले हफ्तों में कोरोना मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। कोविड की दूसरी बूस्टर शॉट या चौथी डोज की जरूरत भी पड़ सकती है।
लगातार बढ़ रहा है कोरोना टीकाकरण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि 12-14 साल के आयु समूह को कोविडरोधी टीके की 72 लाख से ज्यादा खुराक लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 1,82,23,30,356 करोड़ से अधिक खुराक दी गई हैं। बुधवार शाम सात बजे तक 28 लाख 17 हजार 612 से ज्यादा खुराक लगाई गई थीं। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 12-14 साल आयु वर्ग को टीकों की 69,99,528 खुराक लगाई जा चुकी हैं। उसने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 2.21 करोड़ से ज्यादा एहतियाती खुराक लगाई जा चुकी हैं।
कम हुए एक्टिव केस
देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के एक हजार 1938 नए केस सामने आए हैं और 67 लोगों की मौत हो गई। बुधवार को कोरोना के 1778 केस दर्ज किए गए थे और 62 लोगों की मौत हुई थी। देश में अब तक कोरोना के 4.30 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को देश में 2,531 लोग ठीक हुए, जिसके बाद अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 22,427 हो गई है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5 लाख 16 हजार 672 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 4 करोड़ 24 लाख 75 हजार 588 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।
कोरोना प्रतिबंधों से मिली निजात
हाल ही में गृह सचिव अजय भल्ला ने बताया था कि 31 मार्च, 2022 से देश में कोरोना प्रतिबंधों को समाप्त किया जा रहा है। हालांकि मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम बरकरार रहेंगे। इस बीच केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्यों को खत लिखकर ने कहा है कि बीमारी की प्रकृति को देखते हुए लोगों को अभी भी स्थिति से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोरोना मामलों की संख्या में कोई वृद्धि हो तो राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय स्तर पर त्वरित और सक्रिय कार्रवाई कर सकते हैं।