इस तरह नारी कैसे बनेगी नारायणी? केंद्र ने महिला केंद्रित योजनाओं में की भारी कटौती
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में देश का बहीखाता पेश करते हुए ‘नारी तू नारायणी’ योजना की खूब चर्चा की थी। उनका कहना था कि महिलाओं को मजबूत किये बिना देश की तरक्की नहीं हो सकती। लेकिन महिलाओं को सशक्त बनाने का दावा करने वाली सरकार ने अनेक ऐसी योजनाएं बंद कर दी हैं, या उनका बजटीय आवंटन घटा दिया है जो महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अच्छी भूमिका निभा रही थीं। इसमें बच्चियों को पढ़ाने की सुविधा से लेकर कामकाजी महिलाओं के बच्चों को संभालने के लिए क्रेच की सुविधा तक के लिए फंड घटाने की बात शामिल है। महिला सुरक्षा के लिए जारी किये गये हेल्पलाइन के फंड में भी कटौती की गई है।
बजट में महिलाओं के लिए क्या घटाया
बालिकाओं को माध्यमिक शिक्षा में स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय योजना (SUCCESS) बनाई गई थी और इसके लिए वित्त वर्ष 2018-19 में 255.9 करोड़ रूपये की राशि निर्धारित की गई थी। इस बार के बजट में यह राशि घटाकर 100 करोड़ रूपये कर दी गई है। इस तरह इस योजना में 155.9 करोड़ रूपये की कटौती कर दी गई है।
कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभालने की चिंता से मुक्त होकर अपना काम कर सकें, इसके लिए पूर्व की सरकारों ने कार्यस्थल पर ही उनके बच्चों को संभालने के लिए ‘नेशनल क्रेच स्कीम’ योजना शुरू की थी। पिछले वित्त वर्ष में इसके लिए 128.39 करोड़ रूपये की राशि निर्धारित की गई थी। इस बार के बजट में इसे घटाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस प्रकार इस योजना में 78.39 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई है।
किशोर बच्चियों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए पिछले वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई थी। इस बजट में इस योजना को 200 करोड़ रुपये दिया गया है और इसमें 300 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। सरकार की बहुप्रचारित उज्ज्वला योजना के लिए निर्धारित 50 करोड़ रुपये को 20 करोड़ रुपये घटाकर केवल 30 करोड़ रुपये पर समेट दिया गया है।
महिलाओं के प्रति हिंसा उनके लिए सबसे चिंताजनक पहलू है। घरेलू या कहीं अन्य हिंसा होने पर उनकी सहायता के लिए वुमन हेल्पलाइन की सुविधा शुरू की गई है। सरकार ने इस बार महिलाओं की हेल्पलाइन के लिए आवंटित राशि घटाकर 17.78 करोड़ रुपये कर दिया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 28.8 करोड़ रूपये की राशि आवंटित की गई थी।
क्या है नारी तू नारायणी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पांच जुलाई को संसद में पेश किये गये बजट में ‘नारी तू नारायणी’ योजना की घोषणा की गई। इसके तहत महिलाओं को व्यवसाय के लिए एक लाख रुपये तक का कर्ज लेने और पांच हजार रुपये तक के ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी गई। मंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त किये बिना किसी भी समाज का विकास नहीं हो सकता।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
हक सेंटर फॉर फॉर चाइल्ड राइट्स की सह-निदेशक प्रीती सिंह ने अमर उजाला को बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए नारी तू नारायणी योजना की शुरुआत की है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए महिलाओं को शिक्षा और तकनीकी कौशल में निपुण होना चाहिए। लेकिन सरकार ने बच्चियों की शिक्षा से लेकर क्रेच तक की सुविधाओं में कटौती की है। सरकार को महिलाओं की शिक्षा, उनके तकनीकी कौशल को बढ़ाने और उनकी सुरक्षा पर ज्यादा निवेश करना चाहिए जिससे वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर समाज को मजबूत बनाने में अपना योगदान दे सकें।
भाजपा ने किया बचाव
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने कहा कि महिलाएं केंद्र सरकार की प्राथमिकता पर रही हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए अनेक योजनाओं की शुरुआत की है। उज्ज्वला योजना, हर घर बिजली देने की योजना, हर घर पर पानी देने की योजना, स्वच्छता अभियान और हर घर पर शौचालय बनाने की योजना महिलाओं को ध्यान में रखकर ही बनाई गई हैं। अल्पसंख्यक समुदाय की बच्चियों की शिक्षा के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना में उनकी न्यूनतम पचास फीसदी भागीदारी निश्चित की गई है। मौजूदा बजट में भी उनके लिए एक लाभ रुपये तक के कर्ज की सुविधा और पांच हजार तक के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा दी गई है। सरकार आने वाले समय में महिलाओं को सशक्त बनाने में और भी कदम उठाएगी।