{"_id":"5bec319ebdec2269a12fd02b","slug":"central-government-and-rbi-will-resolve-the-ongoing-conflict-of-banking-before-board-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरबीआई बोर्ड की बैठक से पहले बैंकिंग की उलझनों को सुलझाएंगे रिजर्व बैंक और सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आरबीआई बोर्ड की बैठक से पहले बैंकिंग की उलझनों को सुलझाएंगे रिजर्व बैंक और सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 08:00 PM IST
विज्ञापन
RBI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक 19 नवंबर को आरबीआई बोर्ड की होने वाली बैठक से पहले कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों का प्रसास है कि कमजोर बैंकों पर लागू त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के अंकुशों में ढील देने के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए कर्ज के नियमों को सरल बनाने के बारे में सहमति के समाधान तय किए जा सकें।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि बैठक में यदि पीसीए रूपरेखा पर कोई सहमति नहीं बनी तो यह मुद्दा अगले कुछ सप्ताह के लिए टल जाएगा, जिसके लिए वित्त मंत्रालय लगातार दबाव बना रहा है। यदि पीसीए नियमों को उदार किया जाता है तो कई बैंक इस वित्त वर्ष के अंत तक इसके अंकुश से बाहर आ जाएंगे।
विज्ञापन
दरअसल, सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों में से 11 पर आरबीआई ने पीसीए का शिकंजा कस रखा है। इसके तहत उन्हें कर्ज स्वीकृत करने पर विभिन्न प्रकार की रोक लगी है। जिन बैंकों पर शिकंजा कसा है, उनमें इलाहाबाद बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉरपोरेशन बैंक, आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, देना बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं। पीसीए नियम तब लागू होता है, जब बैंक तीन प्रमुख नियामक बिंदुओं पूंजी भारित परिसंपत्ति अनुपात, एनपीए और परिसंपत्तियों पर वासपी (आरओए) का उल्लंघन करते हैं।
विज्ञापन