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मेघालय: राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ सीबीआई करेगी जांच, केंद्र सरकार ने दी अनुमति
Wed, 06 Apr 2022 10:38 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 06 Apr 2022 10:38 PM IST
सार
300 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश के दावे की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्र सरकार से की थी। जिसे अब केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है।
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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक।
- फोटो : PTI (फाइल)
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के 300 करोड़ रुपये की घूस का ऑफर किए जाने के आरोपों को लेकर सीबीआई उनके खिलाफ जांच करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार ने जांच की मंजूरी दे दी है।
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दरअसल, जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल व मेघालय के मौजूदा राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए उन्हें 300 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की गई थी। यह पेशकश 'अंबानी' और 'आरएसएस से संबद्ध व्यक्ति' की दो फाइलों को मंजूरी देने के एवज में दी जानी थी, लेकिन उन्होंने यह डील निरस्त कर दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उस वक्त पीएम ने उनसे कहा था कि वह भ्रष्टाचार से कोई समझौता न करें। उनके इस दावे की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्र सरकार से की थी। जिसे अब केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है।
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क्या कहा था
17 अक्तूबर 2021 को राजस्थान के झुंझुनू में एक कार्यक्रम में सत्यपाल मलिक ने कहा था, 'कश्मीर जाने के बाद मेरे पास दो फाइलें आईं। एक अंबानी की फाइल थी और दूसरी आरएसएस से जुड़े एक शख्स की थी जो पिछली महबूबा मुफ्ती और बीजेपी की गठबंधन सरकार में मंत्री थे। वह पीएम मोदी के भी बेहद करीबी थे। मुझे सचिवों ने सूचना दी कि इसमें घोटाला है और फिर मैंने बारी-बारी से दोनों डील रद्द कर दीं। सचिवों ने मुझसे कहा कि दोनों फाइलों के लिए 150-150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। लेकिन, मैंने उनसे कहा कि मैं पांच कुर्ता-पायजामे के साथ आया हूं और सिर्फ उसी के साथ यहां से चला जाऊंगा।'
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन को जम्मू-कश्मीर सरकारी कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल बीमा योजना का अनुबंध देने में हुए भ्रष्टाचार की जांच करेगी। इसके अलावा सीबीआई एक निजी फर्म को किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के ठेके देने में हुए भ्रष्टाचार की भी जांच कर सकती है।