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केंद्र सरकार ने माना, कानून में नहीं है लव जेहाद जैसा कोई शब्द

Tue, 04 Feb 2020 07:01 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Tue, 04 Feb 2020 07:01 PM IST
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Central government accepted There is no word like love jihad in the book of law 

केंद्र सरकार ने माना है कि कानून की किताब में लव जेहाद जैसा कोई शब्द नहीं है। लोकसभा में लिखित सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा है कि तकनीकी तौर पर लव जेहाद किसी खास घटना को अभिव्यक्त नहीं करता। केंद्रीय एजेंसियों ने भी लव जेहाद से संबंधित किसी मामले को रिपोर्ट नहीं किया है। मंत्रालय के मुताबिक केरल में दो धर्मों के मानने वालों के बीच विवाह हुआ था जिसकी जांच नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) कर रही है।

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अपने जवाब में मंत्रालय ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 लोगों को अपने धर्म की अभिव्यक्ति करने, उसे निभाने और उसके प्रचार का अधिकार देता है। लेकिन यह समाज की विधि व्यवस्था, नैतिकता और लोगों के स्वास्थ्य के दायरे में होना चाहिए। केरल हाईकोर्ट समेत कई अदालतों ने भी इसे बार-बार दोहराया है। गौरतलब है कि दो धर्म के युवक और युवती की शादी को लेकर उत्तर प्रदेश समेत देश के कई भागों में विरोध और हिंसा की घटनाएं हुई हैं। 
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मीडिया में और लोगों के बीच ऐसी घटना को लव जेहाद कहा जाने लगा। ऐसी ही दो घटनाएं केरल में हुई जिसमें युवती का धर्म परिवर्तन कर शादी कराई गई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। एनआईए अपने जांच का दायरा बढ़ाते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं ऐसी घटनाएं समाज में किसी साजिश के तहत तो नहीं हो रहा।
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आजादी से 2014 तक 2400 लोगों को भारतीय नागरिकता: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने लोकसभा को जानकारी दी कि पिछले दस साल में 21408 विदेशियों को नागरिकता दी गर्इ है। इसमें सबसे अधिक 2015 में 15470 विदेशी भारत के नागरिक बने। इसके बाद से 2016 में 1106, 2017 में 817, 2018 में 268 और 2019 में 987 विदेशियों को नागरिकता दी गई।

सरकार ने यह खुलासा नहीं किया कि यह नागरिकता किन देशों से आए लोगों को दी गई। आजादी से लेकर 2014 तक कुल 2400 विदेशियों को भारत का नागरिक बनाया गया था।

गृहमंत्रालय के मुताबिक 14864 बांग्लादेशियों को भारत की नागरिकतका दी गई थी जब करार के तहत 53 बांग्लादेश के एनक्लेव को भारत में शामिल किया गया था। गृह मंत्रालय ने सदन को बताया कि देश में अबतक नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 66 बड़े प्रदर्शन हुए हैं।

इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की गईं और 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनों के दैरान भड़की हिंसा में 6 बस, 6 कार, 80 मोटरसाइकिल, 2 पुलिस वाहन, 23 अन्य वाहन और एक पुलिस बूथ को जलाया गया।

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