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CAPF: भ्रष्टाचार-अव्यवस्था पर बोलने वाले केंद्रीय बलों के कैडर अफसरों पर गाज, चुनावी ड्यूटी से हटाए SSB अफसर

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 27 Aug 2024 06:43 PM IST
सार

एसएसबी की 31वीं बटालियन के सेकेंड इन कमांड '2आईसी' पराग चतुर्वेदी ने ट्रेन में एसएसबी जवानों के लिए खाने की शॉर्ट सप्लाई का मामला उठाया तो उन्हें बल मुख्यालय ने चुनावी ड्यूटी से वापस बुला लिया। 

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Central Forces Cadre officers face action raising Corruption issue SSB Officers removed from Election Duty
सीएपीएफ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' में भ्रष्टाचार/अव्यवस्था पर बोलने वाले युवा कैडर अफसरों पर गाज गिराई जा रही है। इस साल कई अफसरों को 'मुंह' खोलना भारी पड़ गया है। खासतौर से चुनावी ड्यूटी के दौरान जिन अफसरों ने अव्यवस्था को लेकर आवाज उठाई, उन्हें फौरन वापस बुला लिया गया। अब एक ऐसा ही मामला, एसएसबी के कैडर अफसर के साथ घटित हुआ है। एसएसबी की 31वीं बटालियन के सेकेंड इन कमांड '2आईसी' पराग चतुर्वेदी ने ट्रेन में एसएसबी जवानों के लिए खाने की शॉर्ट सप्लाई का मामला उठाया तो उन्हें बल मुख्यालय ने चुनावी ड्यूटी से वापस बुला लिया। 
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सीएपीएफ के कैडर अफसरों ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर है। उनका कहना है कि रेलवे ने आईआरसीटीसी के ठेकेदार के खिलाफ तो कोई एक्शन नहीं लिया, मगर एसएसबी अधिकारी पर कार्रवाई हो गई। एसएसबी ने भी अपने अधिकारी का पक्ष नहीं लिया। पराग चतुर्वेदी का आईआरसीटीसी कर्मियों को डांट फटकार, मारने का वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि उन्होंने अगले ही दिन ट्रेन से ही एक दूसरा वीडियो जारी करते हुए कहा था कि अब सब कुछ ठीक हो गया है। 
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बता दें कि असम में एसएसबी की गोसाइगांव स्थित 31वीं बटालियन के सेकेंड इन कमांड '2आईसी' पराग चतुर्वेदी, जम्मू कश्मीर में चुनावी ड्यूटी पर जा रहे थे। एसएसबी अधिकारी और जवान, न्यूबंगाई गांव से उधमपुर जाने वाली इलेक्शन स्पेशल ट्रेन में सवार हुए थे। चतुर्वेदी को बतौर एडहॉक कमांडेंट, एडहॉक बटालियन का चार्ज सौंपा गया था। दो दिन पहले बीच रास्ते में चतुर्वेदी ने आईआरसीटीसी कर्मियों की क्लास लगा दी। उन्हें पता चला था कि एसएसबी जवानों को खाने की पर्याप्त मात्रा नहीं दी जा रही है। शॉर्ट सप्लाई का मामला तूल न पकड़े, रेल में तैनात स्टाफ, सेकेंड इन कमांड के लिए फ्रूट और मिठाई लेकर पहुंचा था। इस बात पर सेकेंड इन कमांड, पराग नाराज हो गए।
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उन्होंने जब रेल कर्मियों से ठेकेदार का नाम पूछा तो रविंद्र बताया गया। जवानों और खुद 'सेकेंड इन कमांड' पराग चतुर्वेदी को लगा था कि रेलवे इस मामले में आईआरसीटीसी के खिलाफ कोई एक्शन लेगा, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। एसएसबी के गोवाहाटी स्थित फ्रंटियर हेडक्वार्टर से 26 अगस्त को पराग चतुर्वेदी को चुनावी ड्यूटी से वापस बुलाने का आदेश जारी हो गया। इनकी जगह पर सोनापुर स्थित पहली बटालियन के टूआईसी इबोचौबा सिंह को चुनावी ड्यूटी के लिए जा रही एडहॉक बटालियन की कमान सौंपी गई है। यह पहला मामला नहीं था, जब कैडर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इससे पहले भी लोकसभा चुनाव की ड्यूटी पर तैनात 'सीएपीएफ' के कैडर अफसरों को चुनावी ड्यूटी से हटा दिया गया था। 

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में लोकसभा चुनाव के लिए सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गई थी। सीआरपीएफ ने जिस जगह पर अपना कैंप स्थापित किया, वहां रात को कन्रौज पुलिस का एसआई, बिना अनुमति के अंदर घुस आया था। उसने अपने व्यक्तिगत मोबाइल फोन से सीआरपीएफ कैंप की फोटोग्राफी की। जवानों एवं सिविल ड्राइवरों के साथ बुरा बर्ताव किया। सीआरपीएफ के कमान अधिकारी ने इस मामले को उठाया था। उन्होंने आला अफसरों को भेजी अपनी शिकायत में कहा था, भविष्य में कन्नौज पुलिस, बल के जवानों को झूठे आरोपों में फंसा सकती है। एडहॉक समवाय ग्रुप केंद्र नोएडा के कार्यालय कंपनी कमांडर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी, कन्नौज को शिकायती पत्र भेजा गया था। इस शिकायती पत्र की प्रति पुलिस उप महानिरीक्षक, ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ नोएडा, कमांडेंट एडहॉक 355 बटालियन सीआरपीएफ, पुलिस अधीक्षक कन्नौज और पुलिस कोतवाली, कन्नौज को भेजी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि सीआरपीएफ अफसर राहुल सोलंकी को चुनावी ड्यूटी से वापस बुला लिया गया।

इस घटना से पहले सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट राहुल सोलंकी ने अनाधिकृत एवं घटिया क्वालिटी के 'ट्रैक सूट' की बिक्री का मामला उठाया था। उस मामले में नोएडा ग्रुप सेंटर के डीआईजी को हटा दिया गया था। कई कर्मचारी सस्पेंड भी हुए थे। सोलंकी को वापस बुलाने के पीछे डीआईजी कार्यालय ने प्रशासनिक व परिचालनिक कारण बताए थे। सूत्रों का कहना था कि सहायक कमांडेंट राहुल सोलंकी को भ्रष्टाचार का मामला उजागर करने के चलते परेशान किया जा रहा है।

राहुल सोलंकी ने नोएडा स्थित बल के ग्रुप सेंटर पर नकली ट्रैक सूट बेचे जाने के मामले का खुलासा किया था। सीआरपीएफ मुख्यालय ने इस मामले की गहन जांच पड़ताल कराई थी। शीर्ष अफसरों को यह महसूस हुआ कि वाकई इस मामले से बल की छवि खराब हो रही है। यह मामला, जवानों की आर्थिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला था। जांच रिपोर्ट के आधार पर 12 अप्रैल को डीआईजी हरविन्द्र सिंह कलश को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। दूसरे कर्मियों पर भी निलंबन की गाज गिरी थी। राहुल सोलंकी की शिकायत में कहा गया था कि नोएडा स्थित बल के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ वाइव्ज वेलफेयर एसोसिएशन 'सीडब्लूए' द्वारा संचालित परिवार कल्याण केंद्र पर अनाधिकृत तौर से ट्रैक सूट की बिक्री हो रही है। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि इस ट्रैक सूट को ज्यादा दामों पर बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, ट्रैक सूट पर एक प्रतिष्ठित ब्रांड का नाम लिखा था। शिकायत करने वाले अधिकारी ने लिखा था कि यह ट्रैक सूट नकली है। इस मामले की विस्तृत जांच कराई जाए। 

लोकसभा चुनाव के दौरान ही अपनी ड्यूटी को बेहतर तरीके से अंजाम देने वाले सशस्त्र सीमा बल 'एसएसबी' के एक अधिकारी को बदइंतजामी की शिकायत करना भारी पड़ गया था। सशस्त्र सीमा बल 'एसएसबी' की तदर्थ वाहिनी 722 के कमांड अधिकारी 'उप कमांडेंट' रतीश कुमार पांडे ने बल के आईजी महेश कुमार, सीमान्त मुख्यालय लखनऊ को शिकायत भेजी थी। इसमें डिप्टी कमांडेंट ने चुनावी ड्यूटी के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन की बदइंतजामी की शिकायत की थी। उसमें कहा गया कि एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट व दूसरे कार्मिकों को रहने की उचित जगह नहीं मिली। वे कई घंटे तक इधर उधर भटकते रहे। इसके बाद पांडे पर ही एक्शन हो गया।


एसएसबी के सीमान्त मुख्यालय लखनऊ के डीआईजी (ऑप्स) द्वारा तीन मई को जारी आदेश में डिप्टी कमांडेंट रतीश कुमार पांडे को चुनावी ड्यूटी से हटा दिया गया। एसएसबी सूत्रों ने बताया था कि डिप्टी कमांडेंट को 'कारण बताओ नोटिस' भी जारी किया गया था।इस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीएपीएफ' के कैडर अफसरों में रोष व्याप्त हुआ था। 
 
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