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Delhi High court: बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव की पुनर्विचार याचिका का केंद्र ने किया विरोध, कहा- मामला लटकाना चाहते हैं बंदोपाध्याय
Sat, 21 May 2022 06:38 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 May 2022 06:38 AM IST
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Alapan Bandopadhyay
- फोटो : PTI
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक पुनर्विचार याचिका का केंद्र सरकार ने विरोध किया। याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि बंदोपाध्याय पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में चल रहे मामले को कोलकाता से दिल्ली कैट शिफ्ट करने के खिलाफ नकारी जा चुकी उनकी अर्जी पर फिर से सुनवाई हो। केंद्र ने कहा कि बंदोपाध्याय मामले को लटकाए रखना चाहते हैं।
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बंधोपाध्याय इन आधार पर फिर सुनवाई चाहते हैं
उन्होंने पिछले महीने दाखिल याचिका में कहा कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दिन उनके पास वरिष्ठ वकील नहीं थे। उन्हें और समय भी नहीं दिया गया। कनिष्ठ वकील ने उनका पक्ष रखा, जबकि केंद्र की ओर से वरिष्ठ वकील आए थे। चीफ जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच में उनकी बात ठीक से नहीं सुनी गई, और आदेश दिया।
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केंद्र का विरोध
वरिष्ठ वकील से पक्ष रखवाना कोई अधिकार नहीं
केंद्र ने कहा कि याची को सुना जाना, उसका अधिकार है, लेकिन वरिष्ठ वकील ही उसका पक्ष रखें, यह कोई अधिकार नहीं। याची ने दो वरिष्ठ लगाए थे जो सुनवाई वक्त उपस्थित नहीं थे। इस आधार पर पूरे निर्णय पर फिर से विचार करने को नहीं कहा जा सकता। याची की कोशिश है कि मामला अदालत में लंबित रहे, बेंच बदलती रहें। इसलिए पिछला आदेश देने वाले पूर्व चीफ जस्टिस के रिटायर होने के बाद पुनर्विचार याचिका की है।
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मामला : तूफान पर पीएम की बैठक में नहीं आए थे
पिछले साल 28 मई को चक्रवाती तूफान यास पर चर्चा के लिए पश्चिम बंगाल स्थित कलाईकुंडा वायुसेना स्टेशन पर पीएम मोदी ने बैठक की थी। इसमें मुख्य सचिव बंदोपाध्याय शामिल नहीं हुए। इस पर केंद्रीय कार्मिक व जनशिकायत और पेंशन मंत्रालय ने उन पर कार्रवाई शुरू कर दी।