एक्शन में सरकार: वैक्सीन की सप्लाई न रुके, सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को दिया जुलाई तक का एडवांस
वैक्सीन की सप्लाइ ना रुके इसलिए केंद्र सरकार ने भारत में टीका बनाने वाली कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को जुलाई तक का 100 फीसदी एडवांस का भुगतान कर दिया गया है।
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देश में कोरोना की बेकाबू रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। केंद्र सरकार ने सोमवार को कोविड टीकाकरण अभियान में और तेजी लाने का फैसला लिया है कि 1 मई से देश में 18 साल से ऊपर की उम्र वालों को भी कोरोना का टीका लगाया जाएगा। ऐसे में वैक्सीन की सप्लाई ना रुके, इसलिए केंद्र सरकार ने भारत में टीका बनाने वाली कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को जुलाई तक का 100 फीसदी एडवांस का भुगतान कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने दोनों कंपनियों को कुल 4 हजार 500 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोविशिल्ड का उत्पादन करने वाले कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट को 3,000 करोड़ रुपये और कोवैक्सिन का उत्पादन करने वाली कंपनी भारत बायोटेक को 1500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बता दें कि पिछले हफ्ते केंद्र ने भारत बायोटेक की बेंगलुरु फैसिलिटी के लिए भी 65 करोड़ अनुदान को मंजूरी दी थी।
कई राज्यों में वैक्सीन की किल्लत
देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही कई राज्यों से वैक्सीन के स्टॉक खत्म होने या फिर कम होने की खबरें आ रहीं हैं। आज सुबह पंजाब ने दूसरा ऐसा अलर्ट जारी किया, जिसमें केंद्र को बताया गया कि उसके पास केवल तीन दिन का ही स्टॉक है। इधर, शुक्रवार को आंध्र प्रदेश से खबर आई कि राज्य में वैक्सीन का स्टॉक पूरी तरह से खत्म है। वहीं इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी के चलते मुंबई और पुणे सहित 100 से अधिक टीकाकरण केंद्र मजबूरन बंद करने पड़े। हालांकि, केंद्र ने पहले जोर देकर कहा था कि वैक्सीन के स्टॉक में कोई कमी नहीं है।
उत्पादन बढ़ाने के लिए पैसों की जरूरत
इस महीने की शुरुआत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि हमें वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये की जरूरत है। उद्योग निकाय फिक्की ने भी हाल ही में सुझाव दिया था कि सरकार को देश में कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए वैक्सीन प्रोड्यूसर को प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए। फिक्की ने उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) प्रकार की योजना के तहत वैक्सीन बनाने वालों के वित्त पोषण की सिफारिश की थी।
18 से अधिक उम्र वालों को मिलेगी वैक्सीन
बता दें कि सरकार ने वैक्सीन के लिए ये फंड ऐसे समय में दिया है, जब एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाए जाने की घोषणा की गई है। अब तक पहले चरण के तहत फ्रंट लाइन वर्कर्स और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने की इजाजत दी गई थी। उसके बाद तीसरे चरण में 45 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है।