{"_id":"5c6f3e3fbdec222c51028e43","slug":"center-gave-assam-rifles-the-right-to-search-and-arrest-without-warrant","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र ने असम राइफल्स को बिना वारंट तलाशी व गिरफ्तारी का अधिकार दिया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केंद्र ने असम राइफल्स को बिना वारंट तलाशी व गिरफ्तारी का अधिकार दिया
Fri, 22 Feb 2019 05:41 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 22 Feb 2019 05:41 AM IST
विज्ञापन
1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने असम राइफल्स के जवानों को पूर्वोत्तर के राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम में बिना वारंट किसी की भी तलाशी लेने और गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत कर दिया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार असम राइफल्स के निचले दर्जे के अधिकारी को भी सीआरपीसी के तहत ये अधिकार दिए गए हैं।
अधिसूचना के मुताबिक इस बल के जवान सीआरपीसी की उपधारा (1) की धारा 41, 47, 48, 49, 51, 53, 54, 149, 150, 151 और 152 के तहत स्थानीय दायरे में सीमावर्ती राज्यों के जिलों में इन शक्तियों का इस्तेमाल और अपना काम कर सकते हैं। धारा 41 के अनुसार कोई पुलिस अधिकारी बिना मजिस्ट्रेट के आदेश या वारंट के किसी को भी गिरफ्तार कर सकता है। उसी तरह धारा 47 तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार देती है।
असम राइफल्स पूर्वोत्तर में विद्रोह को दबाने का प्रमुख बल है। यह संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा की भी चौकसी करता है। उल्लेखनीय है कि इन इलाकों में लागू अफ्स्पा कानून में भी ऐसे अधिकार दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिसूचना के मुताबिक इस बल के जवान सीआरपीसी की उपधारा (1) की धारा 41, 47, 48, 49, 51, 53, 54, 149, 150, 151 और 152 के तहत स्थानीय दायरे में सीमावर्ती राज्यों के जिलों में इन शक्तियों का इस्तेमाल और अपना काम कर सकते हैं। धारा 41 के अनुसार कोई पुलिस अधिकारी बिना मजिस्ट्रेट के आदेश या वारंट के किसी को भी गिरफ्तार कर सकता है। उसी तरह धारा 47 तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार देती है।
विज्ञापन
असम राइफल्स पूर्वोत्तर में विद्रोह को दबाने का प्रमुख बल है। यह संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा की भी चौकसी करता है। उल्लेखनीय है कि इन इलाकों में लागू अफ्स्पा कानून में भी ऐसे अधिकार दिए गए हैं।
विज्ञापन