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Census: आजादी के बाद 8वीं जनगणना, पहले चरण का आगाज अप्रैल 2026 से; सबसे पहले मकान सूचीकरण कार्य करेंगे अधिकारी
Sun, 29 Jun 2025 04:31 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 29 Jun 2025 04:31 PM IST
सार
Census 2026: जनगणना 2026 की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। बता दें कि, जनसंख्या गणना का पहला चरण डिजिटल माध्यम से होगा, इस दौरान जाति की भी जानकारी ली जाएगी।
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अप्रैल 2026 से जनगणना के पहले चरण का आगाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत सरकार ने आगामी जनगणना 2026 के पहले चरण की तारीख तय कर दी है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर बताया कि हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन और हाउसिंग जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी।
दो चरणों में जनगणना होगी। पहला चरण– मकान सूचीकरण काम जिसे हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (एचएलओ) भी कहा जाता है। इसमें हर घर की स्थिति, सुविधाएं और संसाधनों की जानकारी ली जाती है। वहीं दूसरा चरण- जनसंख्या गणना का है, यह चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें हर व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक जानकारी ली जाएगी।
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दो चरणों में जनगणना होगी। पहला चरण– मकान सूचीकरण काम जिसे हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (एचएलओ) भी कहा जाता है। इसमें हर घर की स्थिति, सुविधाएं और संसाधनों की जानकारी ली जाती है। वहीं दूसरा चरण- जनसंख्या गणना का है, यह चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें हर व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक जानकारी ली जाएगी।
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आजादी के बाद 8वीं जनगणना
- फोटो : अमर उजाला
क्या है मकान सूचीकरण काम?
इस चरण में सरकार यह पता लगाएगी कि घर की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री की बनी है। घर में कितने कमरे हैं, कितने लोग रहते हैं, घर में शादीशुदा जोड़े हैं या नहीं, क्या घर का मुखिया महिला है या वह अनुसूचित जाति/जनजाति से है।
यह भी पढ़ें - Congress Politics: 'बिहार और UP में पिछड़ों को सम्मान दिलाना हमारा लक्ष्य'; जातिगत जनगणना पर बोले राहुल गांधी
इस चरण में सरकार यह पता लगाएगी कि घर की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री की बनी है। घर में कितने कमरे हैं, कितने लोग रहते हैं, घर में शादीशुदा जोड़े हैं या नहीं, क्या घर का मुखिया महिला है या वह अनुसूचित जाति/जनजाति से है।
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लोगों से पूछे जाएंगे ये सवाल
- फोटो : अमर उजाला
लोगों से पूछे जाएंगे ये सवाल
डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
इस बार की जनगणना खास होगी क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल होगा। साथ ही, लोगों को स्वयं से जानकारी देने की सुविधा भी दी जाएगी।
- क्या घर में मोबाइल, टीवी, रेडियो, ट्रांजिस्टर, इंटरनेट या वाहन (साइकिल, स्कूटर, बाइक, कार आदि) है?
- खाना बनाने के लिए कौन सा ईंधन इस्तेमाल होता है (जैसे एलपीजी, पीएनजी, लकड़ी, गोबर आदि)?
- पीने का पानी कहां से आता है?
- शौचालय, नहाने और खाना पकाने की सुविधा कैसी है?
- घर में रोशनी का स्रोत क्या है?
डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
इस बार की जनगणना खास होगी क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल होगा। साथ ही, लोगों को स्वयं से जानकारी देने की सुविधा भी दी जाएगी।
डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
- फोटो : अमर उजाला
यह भी पढ़ें - Maharashtra: 'जेल जाकर राजनीति में चमके नारायण राणे', महाराष्ट्र सरकार के मंत्री का चौंकाने वाला बयान
जनगणना में कितने लोग होंगे तैनात?
सरकार ने बताया कि जनगणना के लिए 34 लाख से अधिक पर्यवेक्षक और गणनाकार तैनात किए जाएंगे। वहीं 1.3 लाख से अधिक जनगणना अधिकारी काम में लगाए जाएंगे। बता दें कि, यह भारत की 16वीं जनगणना होगी। जबकि स्वतंत्रता के बाद यह 8वीं बार जनगणना होगी।
इस बार जाति की भी जानकारी ली जाएगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार जातिगत आंकड़े भी एकत्रित किए जाएंगे। यह फैसला लंबे समय से सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की मांग पर आधारित है। वहीं राज्य सरकारों और जिला प्रशासन से कहा गया है कि वे गणनाकारों की नियुक्ति और उनके कार्यों का बंटवारा जल्द करें, ताकि समय पर काम शुरू किया जा सके।
जनगणना में कितने लोग होंगे तैनात?
सरकार ने बताया कि जनगणना के लिए 34 लाख से अधिक पर्यवेक्षक और गणनाकार तैनात किए जाएंगे। वहीं 1.3 लाख से अधिक जनगणना अधिकारी काम में लगाए जाएंगे। बता दें कि, यह भारत की 16वीं जनगणना होगी। जबकि स्वतंत्रता के बाद यह 8वीं बार जनगणना होगी।
इस बार जाति की भी जानकारी ली जाएगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार जातिगत आंकड़े भी एकत्रित किए जाएंगे। यह फैसला लंबे समय से सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की मांग पर आधारित है। वहीं राज्य सरकारों और जिला प्रशासन से कहा गया है कि वे गणनाकारों की नियुक्ति और उनके कार्यों का बंटवारा जल्द करें, ताकि समय पर काम शुरू किया जा सके।