{"_id":"57c4b8f94f1c1bbe762cb4a7","slug":"celebs-can-face-5-year-jail-fine-for-misleading-ads","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भ्रामक विज्ञापनों के मामले में सेलेब्रिटीज को हो सकती है 5 साल की जेल व जुर्माना","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भ्रामक विज्ञापनों के मामले में सेलेब्रिटीज को हो सकती है 5 साल की जेल व जुर्माना
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Aug 2016 04:06 AM IST
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नए मसौदा कानून के अनुसार, जो सेलेब्रिटीज भ्रामक विज्ञापनों का समर्थन करते हैं उन्हें पांच साल तक की कैद और 50 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इस कानून पर मंगलवार को मंत्री समूह विचार करेगा। पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने उपभोक्ता सुरक्षा विधेयक, 2015 लोकसभा में पेश किया था जो 30 साल पुराने उपभोक्ता सुरक्षा कानून को निरस्त करने के लिए था। संसद की स्थाई समिति ने अप्रैल में इस पर अपने सुझाव दे दिए थे।
समिति की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कुछ महत्वपूर्ण सुझावों को स्वीकार किया था। इनमें सेलेब्रिटीज की जिम्मेदारियां तय करना, मिलावट के मामले में सख्त सजा और अन्य शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को मसौदा कानून पर अन्य मंत्रालयों के सुझाव भी प्राप्त हुए हैं। लगभग सभी मंत्रालय प्रस्तावित प्रावधान पर सहमत हैं कि भ्रामक विज्ञापनों के समर्थन करने वाले सेलेब्रिटीज के साथ-साथ मिलावट में शामिल लोगों पर भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा हो।
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समिति की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कुछ महत्वपूर्ण सुझावों को स्वीकार किया था। इनमें सेलेब्रिटीज की जिम्मेदारियां तय करना, मिलावट के मामले में सख्त सजा और अन्य शामिल हैं।
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सूत्रों ने बताया कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को मसौदा कानून पर अन्य मंत्रालयों के सुझाव भी प्राप्त हुए हैं। लगभग सभी मंत्रालय प्रस्तावित प्रावधान पर सहमत हैं कि भ्रामक विज्ञापनों के समर्थन करने वाले सेलेब्रिटीज के साथ-साथ मिलावट में शामिल लोगों पर भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा हो।
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पहली बार के अपराध पर 10 लाख जुर्माना और दो साल कैद
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक कल होनी है। इसमें मसौदा विधेयक को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष पेश करने से पहले उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।
इस अनौपचारिक मंत्री समूह में जेटली के अलावा उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिजली मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए कड़े प्रावधानों तथा ऐसे विज्ञापन करने वाली सेलेब्रिटीज की जवाबदेही तय करने का प्रस्ताव किया है।
पहली बार के अपराध पर 10 लाख जुर्माना और दो साल की कैद का प्रावधान
सूत्रों ने कहा, ‘पहली बार अपराध पर 10 लाख रुपये का जुर्माना व दो साल की जेल की सजा का प्रस्ताव है। वहीं अगर कोई सेलेब्रिटी या एंबेसडर दूसरी बार या आगे और गलती करता है तो 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल की सजा हो सकती है।’
इस अनौपचारिक मंत्री समूह में जेटली के अलावा उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिजली मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए कड़े प्रावधानों तथा ऐसे विज्ञापन करने वाली सेलेब्रिटीज की जवाबदेही तय करने का प्रस्ताव किया है।
पहली बार के अपराध पर 10 लाख जुर्माना और दो साल की कैद का प्रावधान
सूत्रों ने कहा, ‘पहली बार अपराध पर 10 लाख रुपये का जुर्माना व दो साल की जेल की सजा का प्रस्ताव है। वहीं अगर कोई सेलेब्रिटी या एंबेसडर दूसरी बार या आगे और गलती करता है तो 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल की सजा हो सकती है।’