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सीबीआई वर्सेज सीबीआई- ऐसे पल-पल बदला आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना का झगड़ा
Tue, 08 Jan 2019 12:51 PM IST
पूजा मेहरोत्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा मेहरोत्रा
Updated Tue, 08 Jan 2019 12:51 PM IST
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Alok Verma, Rakesh Asthana
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नाक और साख की लड़ाई तो हमेशा से होती रही है लेकिन जब बात आन-बान शान पर बन जाए तो कई परतें खुलने लग जाती हैं। कुछ ऐसी ही साख की लड़ाई है केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच भी चली जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने दरकिनार कर दिया है।
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राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा के बीच अपने अपने पावर को लेकर छिड़ी जंग पिछले एक डेढ़ साल में इतनी बढ़ गई की उसमें केंद्र सरकार को दखल देना पड़ा। लेकिन मामला सुलझता हुआ दिखाई नहीं दिया, सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए दोनों को जबरन बाहर का रास्ता दिखाया। मामला तब भी नहीं थमा, इन निदेशकों के समर्थन में आए 13 वरिष्ठ अधिकारियों को हेड ऑफिस से हटा कर दूर- दराज के इलाकों में भेज दिया गया।
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लेकिन मामला दबने के बजाए और बढ़ गया। जबरन छुट्टी पर भेजे जाने पर गुस्साए अधिकारी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सर्वोच्च न्यायालय ने आलोक वर्मा को उनके पद पर तो बहाल कर दिया है लेकिन उनसे नीतिगत फैसलों का अधिकार छीन लिया है। यहां यह जानना जरूरी हो जाता है बताना कि आलोक वर्मा जनवरी 31 को ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
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पल पल ऐसे बदलता रहा मामला
23 अक्तूबर 2017-
आलोक वर्मा की आपत्तियों के बाद राकेश अस्थाना सीबीआई के विशेष निदेशक बनाए गए जहां से शुरू हुआ विवाद
28 नवंबर 2017-
वकील प्रशांत भूषण ने सीबीआई की साख पर सवाल उठाते हुए राकेश अस्थाना के नियुक्ति को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
12 जुलाई 2018-
जब आलोक वर्मा विदेश मे थे तभी केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने प्रमोशन की मांग को लेकर एक मीटिंग बुलाई और जिसमें अस्ताना को डिप्यूटी कहा गया। तब वर्मा ने इस बात पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह उन्हें कार्यकारी निदेशक मानने से इनकार करते हैं।
24 अगस्त 2018-
तब अस्ताना सीवीसी से कहा कि आलोक वर्मा और कई और भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त हैं।
15 अक्तूबर 2018-
सीबीआई ने अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और घूस लेने के मामले में केस रिजस्टर किया
22 अक्तूबर 2018-
सीबीआई ने डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया
23 अक्तूबर 2018-
दोनों सीबीआई के निदेशकों की लड़ाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा और अस्थाना को लंबी छुट्टी पर भेजा और एम नागेश्वर राव को अंतरिम सीबीआई चीफ बनाया
24 अक्तूबर 2018-
सीबीआई टीम ने कुरैशी, अस्थाना और वर्मा पर आरोप लगाते हुए केस फाइल किया और 13 सीबीआई के अधिकारियों का तबादला कर दिया।
26 अक्तूबर 2018-
सर्वोच्च न्यायालय ने दो हफ्तों में वर्मा के खिलाफ चल रहे मामले पर अपनी बात रखने को कहा
7 दिसंबर 2018-
सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा
8 जनवरी 2018-
सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के निर्णय को दरकिनार करते हुए आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ पद पर बहाल किया। लेकिन उन्हें नीतिगत फैसलों से दूर रखा।