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वीवीआईपी चौपर डील केस: मिशेल पांच दिन के रिमांड पर, घूस के 240 करोड़ का स्रोत जानेगी सीबीआई
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 05 Dec 2018 08:18 PM IST
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Christian Michel
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36 सौ करोड़ के वीवीआईपी चौपर डील घूस केस में आरोपी ब्रिटिशन नागरिक किश्चिन मिशेल से पूछताछ के लिये विशेष अदालत ने सीबीआई को पांच दिन का रिमांड दिया है। सीबीआई उससे घूस में मिले 240 करोड़ के स्रोत व अन्य दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ करेगी। मिशेल इस मामले में फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिये अदालत गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी थी। उसे मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार के समक्ष पेश कर एजेंसी ने 10 दिन का रिमांड मांगा। एजेंसी के आवेदन पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मिशेल से पूछताछ के लिये 10 दिसंबर तक रिमांड में भेज दिया। अदालत ने कहा आरोपी पर गंभीर आरोप है और पूछताछ के लिए रिमांड जरूरी है। सीबीआई उसके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
दूसरी ओर मिशेल की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलजो के जोसेफ ने जमानत याचिका दायर कर कहा कि उनके मुव्विकल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिये। अदालत ने जमानत पर सुनवाई स्थगित करते हुए आरोपी को रिमांड पर भेज दिया। वहीं सीबीआई के विशेष अधिवक्ता डीपी सिंह ने कहा कि मिशेल पर 12 हेलीकॉप्टर की डील में करीब 37.7 मिलियन यूरो यानी करीब 240 करोड़ रुपये की घूस खाने का आरोप है। यह पैसा कहां से आया और कहां गया उसका पता लगाने के लिये आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।
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सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों में यह बात सामने आई है कि उसने कई कंपनियों के साथ पांच फर्जी समझौते किये थे लेकिन इन कभी भी व्यावसायिक तौर पर अमल नहीं किया। इनके सहारे दुबई में बैंक खाते खोले गये। इनमें दो खातों में 240 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी लेकिन उसके बाद यह राशि किस को दी गई, इसका पता आरोपी से करना है।
एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है और इस दौरान दस्तावेजों के संबंध में जांच, रुपये का स्रोत पता लगाने तथा उसके साथ शमिल दूसरे लोगों को पता लगाने के लिये मिशेल से पूछताछ करना जरूरी है। बचाव पक्ष ने कहा जो दस्तावेज आज एजेंसी कोर्ट में पेश कर रही है उन्हें कभी भी किसी इंटरनेशनल कोर्ट में पेश नहीं किया गया। सीबीआई को इसका कई बार मौका दिया गया था।
पेश मामला भारतीय वायु सेना के लिये 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील से जुड़ा है। इस डील को करने वाली फिनमेकेनिका को ठेका देने के लिये हेलीकॉप्टर की उड़ान की अधिकतम सीमा को घटाने का आरोप लगा था। एजेंसी का आरोप था कि उड़ान की ऊंचाई की सीमा घटाने के लिये कई सौ करोड़ रुपये की घूस दी गई। एजेंसी का आरोप है कि ऊंचाई की अधिकतम सीमा तत्कालीन वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी की सहमति से कम की गई थी।
सीबीआई ने इस मामले में पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एसपी त्यागी, उनके भाई जूली त्यागी, वकील गौतम खैतान को दिसंबर 2015 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने इसके बाद दुबई की महिला कारोबारी शिवानी सक्सेना को भी जुलाई 2017 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई जांच के बाद इन आरोपियों व मिशेल के खिलाफ 30 सितंबर 2017 को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई की एफआईआर के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग की जांच के लिये अलग शिकायत दर्ज की थी।
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पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार के समक्ष पेश कर एजेंसी ने 10 दिन का रिमांड मांगा। एजेंसी के आवेदन पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मिशेल से पूछताछ के लिये 10 दिसंबर तक रिमांड में भेज दिया। अदालत ने कहा आरोपी पर गंभीर आरोप है और पूछताछ के लिए रिमांड जरूरी है। सीबीआई उसके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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दूसरी ओर मिशेल की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलजो के जोसेफ ने जमानत याचिका दायर कर कहा कि उनके मुव्विकल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिये। अदालत ने जमानत पर सुनवाई स्थगित करते हुए आरोपी को रिमांड पर भेज दिया। वहीं सीबीआई के विशेष अधिवक्ता डीपी सिंह ने कहा कि मिशेल पर 12 हेलीकॉप्टर की डील में करीब 37.7 मिलियन यूरो यानी करीब 240 करोड़ रुपये की घूस खाने का आरोप है। यह पैसा कहां से आया और कहां गया उसका पता लगाने के लिये आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।
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सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों में यह बात सामने आई है कि उसने कई कंपनियों के साथ पांच फर्जी समझौते किये थे लेकिन इन कभी भी व्यावसायिक तौर पर अमल नहीं किया। इनके सहारे दुबई में बैंक खाते खोले गये। इनमें दो खातों में 240 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी लेकिन उसके बाद यह राशि किस को दी गई, इसका पता आरोपी से करना है।
एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है और इस दौरान दस्तावेजों के संबंध में जांच, रुपये का स्रोत पता लगाने तथा उसके साथ शमिल दूसरे लोगों को पता लगाने के लिये मिशेल से पूछताछ करना जरूरी है। बचाव पक्ष ने कहा जो दस्तावेज आज एजेंसी कोर्ट में पेश कर रही है उन्हें कभी भी किसी इंटरनेशनल कोर्ट में पेश नहीं किया गया। सीबीआई को इसका कई बार मौका दिया गया था।
पेश मामला भारतीय वायु सेना के लिये 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील से जुड़ा है। इस डील को करने वाली फिनमेकेनिका को ठेका देने के लिये हेलीकॉप्टर की उड़ान की अधिकतम सीमा को घटाने का आरोप लगा था। एजेंसी का आरोप था कि उड़ान की ऊंचाई की सीमा घटाने के लिये कई सौ करोड़ रुपये की घूस दी गई। एजेंसी का आरोप है कि ऊंचाई की अधिकतम सीमा तत्कालीन वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी की सहमति से कम की गई थी।
सीबीआई ने इस मामले में पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एसपी त्यागी, उनके भाई जूली त्यागी, वकील गौतम खैतान को दिसंबर 2015 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने इसके बाद दुबई की महिला कारोबारी शिवानी सक्सेना को भी जुलाई 2017 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई जांच के बाद इन आरोपियों व मिशेल के खिलाफ 30 सितंबर 2017 को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई की एफआईआर के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग की जांच के लिये अलग शिकायत दर्ज की थी।