फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CBI says Indrani plea to recall witness Rahul Mukerjea is attempt to prolong trial in Sheena Bora murder

शीना बोरा हत्याकांड: इंद्राणी की याचिका पर CBI ने कहा- गवाह राहुल को अगली सुनवाई के लिए बुलाना एक साजिश

Fri, 09 Dec 2022 08:33 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 09 Dec 2022 08:33 PM IST
सार

इंद्राणी मुखर्जी हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं और राहुल मुखर्जी शीना बोरा हत्या मामले में गवाह के रूप में गवाही दे रहे हैं।

विज्ञापन
CBI says Indrani plea to recall witness Rahul Mukerjea is attempt to prolong trial in Sheena Bora murder
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को विशेष अदालत को बताया कि शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी अपनी याचिका से मुकदमे को लंबा खींचने का प्रयास कर रही हैं। दरअसल, इंद्राणी ने गवाह राहुल मुखर्जी को अगली किसी तारीख को पेश होने की याचिका दायर की है। हालांकि वह पहले ही अदालत में गवाही दे चुके हैं। जांच एजेंसी ने इंद्राणी की याचिका पर अपने लिखित जवाब में कहा कि उनका आवेदन सही नहीं है। वहीं इंद्राणी ने अदालत में गवाह राहुल मुखर्जी से जुड़े पूरे दस्तावेज न होने का कारण दिया। 

विज्ञापन


इंद्राणी मुखर्जी हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं और राहुल मुखर्जी शीना बोरा हत्या मामले में गवाह के रूप में गवाही दे रहे हैं। हालांकि राहुल मुखर्जी पहले ही शीना के हत्या के मामले में गवाह के रूप में अदालत में पेश हो चुके हैं और इंद्राणी के वकील रंजीत सांगले द्वारा उनकी लंबी जिरह हुई थी। 
विज्ञापन


इंद्राणी ने राहुल मुखर्जी पर बेईमानी और अपराध में शामिल होने का भी आरोप लगाया था।  हालांकि, सीबीआई ने अपने जवाब में गवाह के टालने वाली याचिका वाली बात कर विचार करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाह (राहुल मुखर्जी) से पहले ही जिरह की जा चुकी है और उन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीआई ने कहा, याचिका दायर करना और कुछ नहीं बल्कि आवेदक इंद्राणी द्वारा मुकदमे को लंबा करने का प्रयास है। क्योंकि आरोपी व्यक्ति जमानत पर बाहर है। सीबीआई ने दावा किया कि इंद्राणी के वकील ने पहले ही काफी समय तक जिरह की थी, जोकि रिकॉर्ड में है। चूंकि अपराध को 10 साल बीत चुके हैं, किसी भी गवाह के लिए यह संभव नहीं है कि वह छोटी से छोटी बात को याद कर सके। वैसे भी, गवाह को वापस बुलाने का कोई आधार नहीं है, सीबीआई ने कहा, आवेदक ने गवाह से अप्रासंगिक प्रश्न पूछकर जिरह को लंबा कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed