{"_id":"647f395efbfa86502e09deef","slug":"cbi-registers-fraud-case-against-ahmedabad-based-arihant-jewels-and-partners-2023-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gujarat: सीबीआई ने अरिहंत ज्वेल्स और उसके साझेदारों के खिलाफ केस किया दर्ज, धन हेराफेरी के लगे हैं आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat: सीबीआई ने अरिहंत ज्वेल्स और उसके साझेदारों के खिलाफ केस किया दर्ज, धन हेराफेरी के लगे हैं आरोप
Tue, 06 Jun 2023 07:19 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 06 Jun 2023 07:19 PM IST
सार
सीबीआई ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित अरिहंत ज्वेल्स और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 12.22 करोड़ रुपये के धन की हेराफेरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
विज्ञापन
CBI
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित अरिहंत ज्वेल्स और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 12.22 करोड़ रुपये के धन की हेराफेरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। इसकी जानकारी सीबीआई ने ट्वीट करके दी।
विज्ञापन
प्राथमिकी अहमदाबाद स्थित अरिहंत ज्वेल्स और उसके साझेदारों अनंत अशोकभाई शाह और मौलिकाबेन अनंत शाह, जिगर अशोकभाई हेबरा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अज्ञात अधिकारियों और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई है। एएनआई ने दस्तावेज के आधार पर लिखा है कि अक्तूबर 2020 की आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह पाया गया कि व्यवसाय सफलतापूर्वक शुरू हो गया था और अचानक पूरे व्यवसाय को वित्तपोषक बैंक को सूचित किए बिना बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
फर्म ने ऋणदाता को अपने भुगतान/पुनर्भुगतान दायित्व को पूरा करने में चूक की है और बैंक/ऋणदाता के ज्ञान के बिना ऋण प्राप्त करने के उद्देश्य से सिक्योरिटी के तौर पर रखी गई चल अचल संपत्ति को हटा दिया। दस्तावेज में कहा गया है कि फॉरेंसिक ऑडिटर ने देखा है कि जिन कंपनियों को भुगतान किया गया है या प्राप्त किया गया है, उनके नाम बदल दिए गए हैं और अब नए नामों से काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
फोरेंसिक ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा है कि उधारकर्ता द्वारा उनकी संबंधित पार्टियों को काफी मात्रा में हेराफेरी की है। इससे वित्तीय अपराध स्पष्ट रूप से प्रती होता है और उधारकर्ता द्वारा बैंक को धोखा देने के इरादे से चूक का संकेत देते हैं।