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भ्रष्टाचार: सीबीआई ने बाबुल सुप्रियो के पूर्व स्टाफ कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया, 50 लाख की रिश्वत का मामला
Mon, 09 May 2022 09:17 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 09 May 2022 09:17 PM IST
सार
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के तहत 2016-2017 की अवधि के दौरान ईपीआईएल द्वारा प्रदान की गई निविदाओं के लिए पक्ष लेने के एवज में रिश्वत ली।
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बाबुल सुप्रियो
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक कथित भ्रष्टाचार मामले में इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (ईपीआईएल) के शीर्ष अधिकारियों के साथ तत्कालीन भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो के पूर्व कर्मचारी सुशांत मल्लिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दिल्ली में शनिवार को सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में प्राथमिकी दर्ज की गई। बाबुल सुप्रियो जुलाई 2016 से मई 2019 तक भारी उद्योग मंत्री थे। कुछ महीने पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।
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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के तहत 2016-2017 की अवधि के दौरान ईपीआईएल द्वारा प्रदान की गई निविदाओं के लिए पक्ष लेने के एवज में रिश्वत ली। 12 मार्च, 2021 को एक शिकायत मिली और सत्यापन करने पर यह पता चला कि इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (ईपीआईएल) के तत्कालीन सीएमडी एसपीएस बख्शी, ईपीआईएल के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक हरचरण पाल, ईपीआईएल के तत्कालीन प्रबंधक परितोष कुमार प्रवीण, ईपीआईएल के तत्कालीन डीजीएम (अनुबंध पर) आरएस त्यागी ने साजिश रची और आशुतोष बंद्योपाध्याय से 2016-2017 की अवधि के दौरान ईपीआईएल द्वारा प्रदान की गई निविदाओं के पक्ष में 50 लाख रुपये की मांग की।
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आगे जांच करने पर पता चला कि 50 लाख रुपये में से 40 लाख रुपये एसपीएस बख्शी और 10 लाख रुपये हरचरण पाल और परितोष कुमार प्रवीण को दिए जाने थे। एसपीएस बख्शी ने आशुतोष बंद्योपाध्याय को तत्कालीन डीजीएम (संविदात्मक आधार) आरएस त्यागी के जरिए कहा था कि रिश्वत के 40 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये सुशांत मलिक के बैंक खाते में डाले जाएंगे। आशुतोष बंदोपाध्याय ने दिसंबर 2016 में सुशांत मल्लिक के बैंक खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इन सभी ने ईपीआईएल की निविदा हासिल करने में आशुतोष बंदोपाध्याय को अनुचित लाभ देने के लिए एक आपराधिक साजिश रची।
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