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रक्षा घोटाले में सीबीआई ने अमेरिकी कंपनी AKON और भारतीय वैज्ञानिक के खिलाफ दर्ज किया मामला
Mon, 04 Jan 2021 07:14 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 04 Jan 2021 07:14 PM IST
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सीबीआई
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रक्षा घोटाले में अमेरिका की कंपनी एकॉन (AKON) समेत तत्कालीन वैज्ञानिकों और अज्ञात लोकसेवक के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार एजेंसी ने यह मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी व 400 और भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत दर्ज किया है। सीबीआई ने यह कार्रवाई साल 2007 में डीआरडीओ के लिए 35 रेडियो फ्रीक्वेंसी जेनरेटर्स की खरीद में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर की है।
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जानकारी के अनुसार सीबीआई ने जिस वैज्ञानिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनका नाम प्रिया सुरेश है। प्रिया सुरेश डीआरडीओ की डिफेंस एवियॉनिक्स रिसर्च इस्टाब्लिशमेंट में वैज्ञानिक थीं। उनपर धोखाधड़ी का आरोप है। इन जेनरेटर्स की खरीद 10 लाख 80 हजार 450 डॉलर में की गई थी। 2009 में जेनरेटर्स की 35 इकाइयां तीन कन्साइन्मेंट के माध्यम से डीआरडीओ को भेजे गए थे। एकॉन कंपनी ने इसके भुगतान का 90 फीसदी प्राप्त किया था।
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Central Bureau of Investigation (CBI) registers a case against US-based firm AKON including then scientists and unknown public servant under sections 120B, 420 of IPC and Prevention of Corruption Act
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 4, 2021
इन 35 इकाइयों में से 23 को डिलिवरी के कुछ सप्ताह के भीतर ही रिपेयर और अपग्रेड के नाम पर वापस अमेरिका भेज दिया गया था। इसके बाद से अभी तक कंपनी पूरी तरह ठीक से काम करने वाली इकाइयां उपलब्ध नहीं करा पाई है। प्रिया सुरेश ने इन जेनरेटर्स को वापस भेजने की सिफारिश की थी, लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने इकाइयों के अधूरा होने और वापस भेजे जाने के बाद भी कंपनी को बाकी भुगतान कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि इस सौदे में ऑर्डर किए गए 35 फ्रीक्वेंसी जेनरेटर्स में से डीआरडीओ के पास वर्तमान में केवल 12 इकाइयां हैं और ये भी काम करने की स्थिति में नहीं हैं। सीबीआई का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद उसने पाया कि प्रिया सुरेश और अमेरिका की कंपनी कथित धोखाधड़ी में शामिल थे। कंपनी और प्रिया सुरेश को धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।