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CBI: सीबीआई ने रोटोमैक ग्लोबल पर बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया, कंपनी निदेशकों को बनाया आरोपी
Tue, 20 Sep 2022 08:49 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 20 Sep 2022 08:49 PM IST
सार
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि रोटोमैक ग्लोबल के निदेशकों ने लोन के कागजातों के साथ छेड़छाड़ की साथ ही अन्य वित्तीय कागजात को लेकर बैंक को गलत जानकारी दी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीबीआई ने मंगलवार को कानपुर की कंपनी रोटोमैक ग्लोबल के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक के साथ 93 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने कंपनी के निदेशकों राहुल कोठारी और साधना कोठारी को आरोपी बनाया है। साथ ही आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि निदेशकों विक्रम कोठारी जिनकी मौत हो चुकी है और राहुल कोठारी ने लोन के कागजातों के साथ छेड़छाड़ की साथ ही अन्य वित्तीय कागजात को लेकर बैंक को गलत जानकारी दी और बैंक को धोखा देने के लिए बेईमानी की।
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रोटोमैक समूह पहले ही अन्य मामलों में घिरा हुआ है
सीबीआई की प्राथमिकी में कहा है कि आरोपियों ने फर्जी लेनदेन को वास्तविक के रूप में पेश किया, यह अच्छी तरह से जानते हुए कि वे बैंक को गलत तरीके से नुकसान पहुंचा रहे हैं, इससे बैंक और जनता को धोखा मिला है। रोटोमैक समूह पहले ही अन्य मामलों में घिरा हुआ है।
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अधिकारियों ने कहा कि रोटोमैक समूह की कंपनियां पहले से ही सात बैंकों के साथ 3,695 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ इंडिया में 806.75 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से संबंधित दो अलग-अलग सीबीआई जांच का सामना कर रही हैं। 2013 में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स द्वारा क्रेडिट सुविधाओं को मंजूरी दी गई थी, जिसे अब पीएनबी में मिला दिया गया है।
30 जून 2016 को ऋण खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित किया गया था और बाद में जिसे धोखाधड़ी माना गया था और सीबीआई ने इस मामले की जांच की। साथ ही अधिकारियों ने हवाला लेन देन का भी आरोप लगाया। एजेंसी ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपियों की गलत कामों से पीएनबी को 93.53 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।