{"_id":"63c97590f8a7281d9255d309","slug":"cbi-raids-in-jharkhand-and-west-bengal-against-businessman-in-mining-case-2023-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mining case: सीबीआई की झारखंड, पश्चिम बंगाल में कारोबारी के खिलाफ छापेमारी, न्यायपालिका व ईडी का किया था अपमान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Mining case: सीबीआई की झारखंड, पश्चिम बंगाल में कारोबारी के खिलाफ छापेमारी, न्यायपालिका व ईडी का किया था अपमान
Thu, 19 Jan 2023 10:24 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Thu, 19 Jan 2023 10:24 PM IST
सार
यह मामला रांची में झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष अधिवक्ता राजीव कुमार के जरिए शिव शंकर शर्मा द्वारा दायर एक रिट याचिका से संबंधित है। उसमें आरोप लगाया गया था कि कारोबारी अमित अग्रवाल शेल कंपनियों के जरिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काले धन को सफेद बना रहे थे।
विज्ञापन
CBI
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीबीआई ने कारोबारी अमित अग्रवाल के झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित दो ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की। अग्रवाल पर न्यायपालिका, प्रवर्तन निदेशालय और सरकारी अधिकारियों का कथित तौर पर अपमान करने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की कार्रवाई झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई जिसने एजेंसी को प्रारंभिक जांच करने के लिए कहा था।
विज्ञापन
यह मामला रांची में झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष अधिवक्ता राजीव कुमार के जरिए शिव शंकर शर्मा द्वारा दायर एक रिट याचिका से संबंधित है। उसमें आरोप लगाया गया था कि अग्रवाल शेल कंपनियों के जरिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काले धन को सफेद बना रहे थे। सोरेन और पूर्व खनन सचिव पूजा सिंघल के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा अधिग्रहित खनन पट्टे के संबंध में एक और रिट दायर की गई थी, जो खान और उद्योग विभाग के मंत्री भी थे।
विज्ञापन
'कारोबारी अग्रवाल ने ही की थी रिश्वत की पेशकश'
अग्रवाल ने तत्कालीन रांची उपायुक्त के जरिए जनहित याचिकाओं के संबंध में अधिवक्ता राजीव कुमार को कथित रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया। अग्रवाल ने 31 जुलाई, 2022 को कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में कुमार और शिव शंकर शर्मा के खिलाफ जनहित याचिका खारिज करने के लिए कथित रूप से 10 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
पूछताछ में पता चला कि अमित अग्रवाल द्वारा हरे स्ट्रीट थाना को दी गई जानकारी झूठी थी। वहीं, न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से राजीव कुमार को रिश्वत दी गई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि हरे स्ट्रीट थाने में शिकायत में लगाए गए आरोपों के विपरीत, यह अग्रवाल ही थे जिन्होंने सोनू अग्रवाल के जरिए राजीव कुमार को कोलकाता बुलाया और उन्हें पैसों की पेशकश की।
इसके अलावा अमित कुमार अग्रवाल द्वारा रिकॉर्ड की गई बातचीत भी किसी खतरे का खुलासा नहीं करती है या राजीव कुमार से जबरन वसूली या आयकर एजेंसी को कोई छापा मारने से रोकने का दावा नहीं किया गया है।