फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CBI No.2 Rakesh Asthana will not become director of ED due to FIR Registered against him

एफआईआर ने रोकी राकेश अस्थाना के ईडी निदेशक बनने की राह

Mon, 22 Oct 2018 10:06 PM IST
विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला, नई दिल्ली 
विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला, नई दिल्ली  Updated Mon, 22 Oct 2018 10:06 PM IST
विज्ञापन
CBI No.2 Rakesh Asthana will not become director of ED due to FIR Registered against him
राकेश अस्थाना

सीबीआई में शीर्ष स्तर पर जारी घमासान के चलते सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ उनके ही महकमे द्वारा की गई एफआईआर की वजह से अस्थाना प्रवर्तन निदेशालय का निदेशक बनते-बनते रह गए। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के निदेशक करनाल सिंह इसी महीने की 31 तारीख को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

विज्ञापन


उनकी जगह गुजरात कैडर के तेज तर्रार और कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के भरोसेमंद रहने वाले आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को प्रवर्तन निदेशालय का निदेशक बनाने की राय सरकार में शीर्ष स्तर पर बन चुकी थी लेकिन अचानक सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के निर्देश पर रिश्वत खोरी के एक कथित आरोप में अस्थाना के खिलाफ एफआईआर ने सारा खेल बिगाड़ दिया और मौजूदा ईडी निदेशक करनाल सिंह को कुछ महीनों के लिए सेवा विस्तार की संभावना बढ़ गई है। सिंह के सेवा विस्तार की फाईल प्रधानमंत्री कार्यालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन


यह जानकारी देने वाले उच्च स्तरीय सूत्रों ने बताया कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना बेहद तेज तर्रार अधिकारी माने जाते हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का भरोसा तब से हासिल है जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री और शाह राज्य के गृह राज्य मंत्री थे। इसीलिए केंद्र में मोदी सरकार बनने के साथ ही अस्थाना की नियुक्ति सीबीआई में बतौर विशेष निदेशक हुई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्हें सीबीआई में सबसे ताकतवर अधिकारी के तौर पर माना जाने लगा जिसे प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष दोनों का भरोसा मिला हुआ था। सीबीआई के एक सबसे वरिष्ठ अधिकारी ए.के. दत्ता की पदोन्नति और गृह मंत्रालय में चले जाने के बाद अस्थाना सीबीआई में निदेशक के बाद दूसरे नंबर के अधिकारी हो गए। सीबीआई के एक सबसे वरिष्ठ अधिकारी ए.के. दत्ता की पदोन्नति और गृह मंत्रालय में चले जाने के बाद अस्थाना सीबीआई में निदेशक के बाद दूसरे नंबर के अधिकारी हो गए। 

इसीलिए बीच में जब सीबीआई निदेशक पद खाली हुआ तो अस्थाना को कुछ समय के लिए सीबीआई के निदेशक का कार्यभार भी सौंपा गया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी। अस्थाना की पीएमओ और भाजपा नेतृत्व से निकटता देखते हुए आम धारणा बन गई थी कि वही सीबीआई के अगले निदेशक होंगे। लेकिन निदेशक के साथ चल रहे उनके विवाद की वजह से उनकी राह आसान नहीं रह गई थी, इसलिए अस्थाना को ईडी में निदेशक बनाकर भेजने की राय उच्चस्तर पर बनी थी।

ईडी के सूत्रों के मुताबिक शिखर स्तर पर झगड़ा और मामला एक शीर्ष अधिकारी के खिलाफ रिश्वत खोरी के आरोप की एफआईआर तक हो जाने के बाद से सीबीआई की साख को जबर्दस्त धक्का लगा है। ऐसे में सरकार दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय के बारे में बेहद सोच समझ कर फैसला लेगी और मुमकिन है कि कुछ महीनों के लिए मौजूदा निदेशक को सेवा विस्तार मिल जाए। 

आलोक वर्मा की सीबीआई निदेशक पद पर नियुक्ति के बाद से ही अस्थाना और वर्मा के बीच तनातनी शुरु हो गई और सीबीआई अधिकारियों के बीच एक सीधी विभाजन रेखा खिंचती चली गई। दोनों शीर्ष अधिकारी एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए सरकार को पत्र लिखते रहे और जब अस्थाना ने सीवीसी में वर्मा के खिलाफ लिखित शिकायत की तो वर्मा ने सीवीसी को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया कि अस्थाना सीबीआई की नुमाइंदगी नहीं करते हैं। 

यह लड़ाई इस कदर तेज हो गई कि सियासी और सत्ता गलियारों में यहां तक कहा जाने लगा कि सरकार में उच्च स्तर पर भी इन दोनों अधिकारियों के पक्ष और विपक्ष में खेमेबंदी हो गई है। कहा जाने लगा कि पीएमओ के दो शीर्ष अधिकारियों की सहानुभूति आलोक वर्मा के साथ तो गुजरात कैडर के दो शीर्ष अधिकारियों की नजदीकी अस्थाना के साथ होने की वजह से यह लड़ाई और तेज होती जा रही है। 


शुरू में प्रधानमंत्री ने इन दोनों अधिकारियों की लड़ाई को विभाग का आंतरिक मामला मानते हुए कोई दखल नहीं दिया, लेकिन अब पानी सिर के ऊपर आ जाने पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधा हस्तक्षेप करना पड़ा है और सरकार जल्दी ही राकेश अस्थाना के बारे में कोई फैसला ले सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed