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सीबीआई: राजकोट की कंपनी ने यूनियन बैंक को लगाया 44 करोड़ का चूना, धोखाधड़ी का केस दर्ज
Mon, 29 Nov 2021 04:36 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 29 Nov 2021 04:36 PM IST
सार
कंपनी ने वर्ष 2014 से 2020 के दौरान साजिश रच कर यूनियन बैंक आफ इंडिया से करीब 47.30 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट व टर्म लोन मंजूर कराया। बाद में इस राशि की हेराफेरी की।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने राजकोट की मंदीप इंडस्ट्रीज व उसके निदेशकों व साझेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इन सभी पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ 44.64 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
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सीबीआई के अधिकारियों ने सोमवार को दिल्ली में उक्त कंपनी व उसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ केस दायर किए जाने की जानकारी दी। जिन पर केस दर्ज किया गया है, उनमें कंपनी के निदेशक व साझेदार आशीष बी तलवैया, किशोर भाई एच वैष्णवी, श्री रामजी भाई एच गजेरा, कल्पेश प्रवीण भाई तलवैया, भावेश एम तलवैया व अज्ञात सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
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कंपनी ने वर्ष 2014 से 2020 के दौरान साजिश रच कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से करीब 47.30 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट व टर्म लोन मंजूर कराया। उन्होंने कहा कि इस बैंक खाते को 15 जनवरी, 2020 को ब्याज और किश्तों की अदायगी नहीं करने के कारण गैर-निष्पादित संपत्ति (npa) घोषित किया गया। इससे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 44.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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हाल ही में मामला दर्ज करने के बाद, सीबीआई ने गुजरात के उपलेटा और राजकोट में आरोपियों के कार्यालयों और आवासीय परिसरों सहित सात स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।