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11.4 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला: पांच राज्यों के नोडल अधिकारियों, फर्जी संस्थानों और छात्रों पर CBI की एफआईआर
Tue, 17 Mar 2026 04:58 AM IST
Shivam Garg
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Shivam Garg
Updated Tue, 17 Mar 2026 04:58 AM IST
सार
दिव्यांग छात्रों की अंब्रेला छात्रवृत्ति योजना में 11.4 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासे में सीबीआई ने दिल्ली, यूपी, तमिलनाडु, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों, फर्जी संस्थानों और छात्रों पर केस दर्ज किया।
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Scam
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
सीबीआई ने दिव्यांग छात्रों के लिए निर्धारित छात्रवृत्ति निधि से 11.4 करोड़ रुपये से अधिक के गबन मामले में पांच राज्यों के नोडल अधिकारियों, फर्जी संस्थानों और छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला अंब्रेला छात्रवृत्ति योजना से जुड़ा है। यह योजना 2018 में दिव्यांग छात्रों के लिए शुरू की गई थी।
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अधिकारियों ने बताया कि जिन राज्यों के अज्ञात लोक सेवकों और नोडल अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया है, उसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। अंब्रेला छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के साथ-साथ मैट्रिक के बाद के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के छात्रों को भी छात्रवृत्ति मिलती थी। यूजीसी/एआईसीटीई की ओर से मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री और डिप्लोमा तथा स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा के छात्रों को भी इन छात्रवृत्तियों के अंतर्गत वित्त पोषित किया जाता था। आरोप है कि 28 संस्थानों से जुड़े ऐसे 926 छात्रों को 11.41 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई, जो या तो फर्जी थे या मंत्रालय के निरीक्षण के दौरान उनमें गंभीर अनियमितताओं का पता चला था।
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केंद्रीय एजेंसी ने पिछले साल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सचिव की शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि इनमें से कई संस्थान अस्तित्वहीन थे या बंद हो चुके थे, फिर भी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से धनराशि का दावा कर रहे थे। एजेंसी ने पाया कि जम्मू और कश्मीर स्थित सत्यम कॉलेज ऑफ एजुकेशन 2017 से बंद था। फिर भी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर फर्जी यूजर आईडी बनाकर इसके छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति के दावे किए जा रहे थे। इस साजिश में कई स्कूलों का नाम उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल किया जा रहा था। सीबीआई ने बताया कि राजस्थान, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों के 11 संस्थानों ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी नहीं थी और लाभार्थियों को कभी उनके स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया गया था।
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छात्रों और नोडल अधिकारियों ने रची साजिश
एजेंसी ने ऐसे मामलों की भी पहचान की है, जिनमें लाभार्थियों और संस्थान के नोडल अधिकारियों ने धन की हेराफेरी के लिए साजिश रची थी। एफआईआर में उल्लिखित लखनऊ स्थित एक कॉलेज में, नोडल अधिकारी ने 2022-23 शैक्षणिक वर्ष के दौरान छात्रवृत्ति अनुदान के लिए 32 आवेदन आगे बढ़ाए गए। इनमें से 24 छात्रों को छात्रवृत्ति मिली। इनमें से नौ ने धनराशि भी निकाली।
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