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सीबीआई ने ब्रिटेन की ऑटोमोबाइल कंपनी रोल्स रॉयस के खिलाफ दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला
Tue, 30 Jul 2019 06:27 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 30 Jul 2019 06:27 PM IST
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रोल्स रॉयस
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एचएएल, ओएनजीसी और गेल के ठेके हासिल करने के लिए कमीशन आधारित एक एजेंट की सेवाएं लेकर कथित भ्रष्टाचार के लिए लंदन स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी रोल्स रॉयस के खिलाफ मामला दर्ज किया।
एजेंसी द्वारा पांच साल तक चली जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। रक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी। दरअसल, मंत्रालय को रोल्स रॉयस द्वारा सिंगापुर में रहने वाले अशोक पाटनी तथा उसकी कंपनी आशमोरे प्राइवेट लिमिटेड की सेवाएं लेने की शिकायत मिली थी।
रक्षा मंत्रालय को रोल्स रॉयस के पाटनी के साथ संबंधों के बारे में पत्र मिला था जिसे जांच के लिए सीबीआई के पास भेजा गया था।
अधिकारियों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2000 से 2013 के बीच एचएएल के साथ रोल्स रॉयस का कुल कारोबार 4700 करोड़ रुपये का रहा।
आरोप है कि रोल्स रॉयस ने 2007 से 2011 के बीच एचएएल को एवन एवं एलीसन इंजन के पुर्जों के सौ आर्डर में "वाणिज्यिक सलाहकार" के रूप में पाटनी को 18 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
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एजेंसी ने आरोप लगाया कि पुर्जों की आपूर्ति के लिए ओएनजीसी और गेल के साथ रोल्स रॉयस के सीधे ठेकों के लिए भी पाटनी की सेवाएं ली गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोल्स रॉयस ने गेल को आपूर्ति के लिए 2007 से 2010 के दौरान कुल 28.09 करोड़ रुपये के कमीशन का भुगतान किया।
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एजेंसी द्वारा पांच साल तक चली जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। रक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी। दरअसल, मंत्रालय को रोल्स रॉयस द्वारा सिंगापुर में रहने वाले अशोक पाटनी तथा उसकी कंपनी आशमोरे प्राइवेट लिमिटेड की सेवाएं लेने की शिकायत मिली थी।
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रक्षा मंत्रालय को रोल्स रॉयस के पाटनी के साथ संबंधों के बारे में पत्र मिला था जिसे जांच के लिए सीबीआई के पास भेजा गया था।
अधिकारियों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2000 से 2013 के बीच एचएएल के साथ रोल्स रॉयस का कुल कारोबार 4700 करोड़ रुपये का रहा।
आरोप है कि रोल्स रॉयस ने 2007 से 2011 के बीच एचएएल को एवन एवं एलीसन इंजन के पुर्जों के सौ आर्डर में "वाणिज्यिक सलाहकार" के रूप में पाटनी को 18 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
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एजेंसी ने आरोप लगाया कि पुर्जों की आपूर्ति के लिए ओएनजीसी और गेल के साथ रोल्स रॉयस के सीधे ठेकों के लिए भी पाटनी की सेवाएं ली गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोल्स रॉयस ने गेल को आपूर्ति के लिए 2007 से 2010 के दौरान कुल 28.09 करोड़ रुपये के कमीशन का भुगतान किया।