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CBI: भारतीय सर्वेक्षण विभाग की भर्ती में हुए भ्रष्टाचार में शामिल थे दो रिटायर मेजर जनरल; दाखिल हुई चार्जशीट
Wed, 02 Aug 2023 09:30 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 02 Aug 2023 09:30 PM IST
सार
इस मामले में सीबीआई ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक शिकायत पर जांच अपने हाथ में ली थी। शिकायत में अक्टूबर 2002 के दौरान आयोजित ग्रुप डी से सी टोपो ट्रेडों के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों के संकलन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।
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सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय सर्वेक्षण विभाग में समूह सी और डी की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के लिए दो रिटायर मेजर जनरल और दो अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 2002 में भारतीय सर्वेक्षण विभाग में समूह सी और डी के 44 उम्मीदवारों की भर्ती में कथित भ्रष्टाचार हुआ था। इसी मामले में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया है।
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अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने तीन साल की जांच के बाद ये आरोप पत्र बीते सप्ताह विशेष अदालत में अपना आरोप पत्र दायर किया। इसमें जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान के पूर्व निदेशक एम वी भट्ट और पूर्व एसटीआई उप सर्वेक्षक जनरल केआरएमके बाबाजी राव भट्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों में हेरफेर किया। इसके काऱण सफल उम्मीदवार असफल हो गए थे। ये दोनों आरोपी मेजर जनरल के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे।
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इस मामले में सीबीआई ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक शिकायत पर जांच अपने हाथ में ली थी। शिकायत में अक्टूबर 2002 के दौरान आयोजित ग्रुप डी से सी टोपो ट्रेडों के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों के संकलन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।
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2020 में सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चयनित उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए आरोपी अधिकारियों ने उत्तर पुस्तिकाओं में जानबूझकर हेरफेर किया था।