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सीबीआई विवाद: उच्च न्यायालय ने अस्थाना मामले में सना की याचिका पर सीबीआई से मांगा जवाब

Tue, 11 Dec 2018 04:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Dec 2018 04:20 PM IST
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CBI Dispute: Delhi High Court seeks response from CBI on Sana plea related to Rakesh Asthana
राकेश अस्थाना

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना की याचिका पर सीबीआई से मंगलवार को जवाब मांगा। याचिका में सना ने रिश्वत संबंधी आरोपों में विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से संबंधित एक मामले में अपना पक्ष रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने अस्थाना, सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और संयुक्त निदेशक ए.के शर्मा से भी सना की याचिका पर जवाब मांगा है। 

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सना ने अस्थाना की याचिका में उसे भी एक पक्ष बनाये जाने का अनुरोध किया है। अस्थाना ने एक याचिका दायर करके प्राथमिकी को रद्द करने का आग्रह किया था। सना की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि उनकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वह जांच में एजेंसी की मदद कर रहे हैं और उन्हें भी सुना जाना चाहिए।
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सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी और अधिवक्ता आर बेहुरा ने कहा कि सना को पक्षकार बनाये जाने की जरूरत नहीं है। सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र कुमार को सना के बयान रिकॉर्ड करने में जालसाजी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।  कुमार, मांस निर्यातक मोइन कुरैशी से जुड़े मामले में जांच अधिकारी थे। 
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कुमार को 31 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दी थी। इससे पूर्व की सुनवाई में अस्थाना ने उच्च न्यायालय में दावा किया था कि उनके तथा कुमार के खिलाफ रिश्वत मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सरकार से पूर्व मंजूरी लेने की आवश्यकता थी। उनके वरिष्ठ अधिकारी ने इसका जोरदार विरोध किया था। 


अस्थाना की दलीलों का सीबीआई, वर्मा और संयुक्त निदेशक ए के शर्मा ने विरोध किया था। उनकी दलील थी कि किसी मंजूरी की जरूरत नहीं है क्योंकि दोनों अधिकारियों के खिलाफ आरोप उनके कर्तव्य के निर्वहन से संबंधित नहीं हैं या उनके द्वारा किए गए किसी फैसले या सिफारिश से जुड़े हैं।

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