फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CBI court acquitted gangster Chhota Rajan 38 years after first case against him

Gangster Chhota Rajan: 38 साल बाद चर्चित गैंगस्टर राजन बरी, सीबीआई कोर्ट ने गवाहों के अभाव में किया मुक्त

Fri, 29 Oct 2021 11:31 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Fri, 29 Oct 2021 11:31 AM IST
सार

छोटना राजन के खिलाफ 1983 में पहला मामला दर्ज किया गया था। जब एक टैक्सी में स्मगलिंग की शराब ला रहे छोटा राजन को तिलक नगर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने रोकने की कोशिश की थी।छोटा राजन ने चाकू निकालकर एक पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला बोला था। 

विज्ञापन
CBI court acquitted gangster Chhota Rajan 38 years after first case against him
छोटा राजन, चर्चित गैंगस्टर - फोटो : Reuters

विस्तार

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने चर्चित गैंगस्टर राजेंद्र सदाशिव निकलजे छोटा राजन को एक मुकदमे में 38 साल बाद बरी कर दिया। यह मुकदमा मुंबई अंडरवर्ल्ड में डॉन दाऊद इब्राहिम के सबसे बड़े दुश्मन कहे जाने वाले छोटा राजन की क्रिमिनल लाइफ की सबसे पहली एफआईआर का था, जिसमें उसके खिलाफ साल 1983 में एक पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया था।  राजन के खिलाफ यह पहला बड़ा मामला दर्ज किया गया था।

विज्ञापन


शराब तस्करी मामले में छोटना राजन के खिलाफ 38 साल पहले मुकदमा दर्ज किया गया था। छोटा राजन के वकील तुषार खंडारे ने बताया कि यह मामला 1983 में तब दर्ज किया गया था, जब एक टैक्सी में स्मगलिंग की शराब ला रहे छोटा राजन को तिलक नगर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने रोकने की कोशिश की थी। इस पुलिस टीम में दो अधिकारी और चार कॉन्स्टेबल थे, जबकि राजन के साथ कार में दो अन्य साथी भी मौजूद थे।
विज्ञापन


छोटा राजन पर पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला करने का आरोप
पुलिस के टैक्सी रोकने पर छोटा राजन ने चाकू निकालकर एक पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला बोला था। हालांकि, पुलिस ने छोटा राजन और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एक साथी फरार हो गया था। छोटा राजन के साथ गिरफ्तार हुए उसके साथी को बाद में कोर्ट ने बरी कर दिया था,वहीं छोटा राजन जमानत पर कोर्ट से बाहर निकल गया था, लेकिन राजन के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। छोटा राजन को अक्तूबर, 2015 में इंडोनेशिया में गिरफ्तार करने के बाद भारत लाया गया था। इस दौरान मुंबई पुलिस ने छोटा राजन का मुकदमा सीबीआई के हवाले कर दिया था। सीबीआई ने फाइनल क्लोजर रिपोर्ट लगाते हुए कहा था कि केस बेहद पुराना होने के चलते उन्हें कोई गवाह और सबूत नहीं मिल पा रहे हैं। यहां तक कि हमले में इस्तेमाल किया चाकू भी गायब हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्पेशल कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट मानने से किया था इनकार
मुंबई की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने एजेंसी की इस क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए केस को बंद करने से इनकार कर दिया था। CBI की तरफ से वकील प्रदीप घराट ने कोर्ट के सामने दलील रखी थी कि घटना के समय मौजूद तीन पुलिस कांस्टेबलों ने छोटा राजन की पहचान अच्छी तरह की  थी और बचाव पक्ष इसे नकार नहीं सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed