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कार्रवाई: भ्रष्टाचार के मामलों में सीबीआई ने उत्तराखंड और नोएडा में 14 स्थानों पर की खोजबीन
Fri, 09 Jul 2021 10:07 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 09 Jul 2021 10:07 PM IST
सार
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के मामलों के संबंध में उत्तराखंड के देहरादून व श्रीनगर समेत उत्तर प्रदेश के नोएडा में कुल 14 स्थानों पर खोजबीन की।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के मामलों के संबंध में उत्तराखंड के देहरादून व श्रीनगर समेत उत्तर प्रदेश के नोएडा में कुल 14 स्थानों पर खोजबीन की। जानकारी के अनुसार ये कार्रवाई एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वाइस चांसलर व अन्य आरोपियों के आवासों व कार्यालयों पर की गई।
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जानकारी के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (एचएनबीजीयू) के पूर्व कुलपति जेएल कौल, उनके ओएसडी डीएस नेगी और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के छह मामलों के संबंध में 14 स्थानों पर तलाशी ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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उत्तराखंड के देहरादून और श्रीनगर तथा उत्तर प्रदेश के नोएडा में आरोपियों के आवासीय परिसरों में तलाशी ली गयी। सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि अलग-अलग बैंकों में तीन लॉकर भी संचालित किए जा रहे थे। मामले से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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CBI, in connection with corruption cases, conducted searches at 14 residential & official premises of the accused including then Vice-Chancellor, HNB, Garhwal University; OSD to then Vice-Chancellor, in Dehradun, Srinagar (Uttarakhand) and Noida (UP).
— ANI (@ANI) July 9, 2021
एजेंसी ने इससे पहले कौल के खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2014 से 2016 तक उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न कॉलेजों, संस्थानों को संबद्धता प्रदान करने में कुछ अनियमितताएं की गई थीं।
प्रवक्ता ने कहा कि यह भी आरोप लगाया गया था कि लोक सेवक ने अपने ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के अन्य अज्ञात अधिकारियों के साथ मौजूदा संबद्धता को जारी रखने या विस्तार के लिए दिशानिर्देशों और विनियमों का उल्लंघन करते हुए विभिन्न निजी संस्थानों, कॉलेजों को संबद्धता के विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया।