CBI: सीबीआई ने पकड़े 437 फोन कॉल, खेल में मंत्रालय के अफसर शामिल, तय की जा रही थी रिश्वत की राशि
इस रिश्वत कांड में एफसीआरए यूनिट के सरकारी अधिकारी और कई बिचौलिए आरोपी हैं। सीबीआई ने एनजीओ प्रतिनिधियों से रिश्वत लेने के मामले में 10 मई को अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद फोन कॉल की निगरानी शुरू की थी। उसने 50 मोबाइल फोन और 12 पेन ड्राइव भी जब्त किए हैं।
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सीबीआई ने ऐसे 437 फोन कॉल पकड़े हैं, जिनमें विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) अधिनियम (एफसीआरए) उल्लंघन पर रोका गया विदेशी चंदा दिलवाने के नाम पर पांच से 10 प्रतिशत रिश्वत मांगने के लिए बातचीत हुई थी। जांच एजेंसी की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अनुसार इन फोन कॉल में बिचौलियों द्वारा रिश्वत की राशि तय की जा रही थी।
इस रिश्वत कांड में एफसीआरए यूनिट के सरकारी अधिकारी और कई बिचौलिए आरोपी हैं। सीबीआई ने एनजीओ प्रतिनिधियों से रिश्वत लेने के मामले में 10 मई को अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद फोन कॉल की निगरानी शुरू की थी। उसने 50 मोबाइल फोन और 12 पेन ड्राइव भी जब्त किए हैं, इनसे कई वित्तीय लेनदेन और दस्तावेज मिले हैं। अब तक चार चार्जशीट दायर की हैं, वहीं पूरक चार्जशीट में बड़ी साजिश का खुलासा हो सकता है। मंत्रालय में मौजूद घूसखोरों पर नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।
6 अधिकारियों सहित 16 गिरफ्तारियां हुईं थीं
यह रैकेट तब सामने आया जब गृह मंत्रालय को एफसीआरए यूनिट में घूसखोरों के तीन गुटों पर जानकारियां मिलीं। खुद गृहमंत्री अमित शाह सीबीआई जांच के निर्देश दिए।
- 10 मई को सीबीआई ने देशभर में तलाशियां लीं व 16 आरोपी गिरफ्तार किए, इनमें 6 एफसीआरए यूनिट के अधिकारी थे।
- गृह मंत्रालय की एफसीआरए यूनिट, एनजीओ के प्रतिनिधि, कई बिचौलिए व हवाला ऑपरेटर भी निशाने पर आए।
अधिकारी खुद पता करते किसका चंदा फंसा, फिर रिश्वत मांगते
चार्जशीट के अनुसार अधिकारी खुद अपनी यूनिट से उन मामलों की जानकारी लेते थे, जिनमें एफसीआरए आवेदन लंबित हों। फिर उनके फंसे हुए चंदे जारी करवाने के लिए रिश्वत मांगते। साथ ही एनजीओ को धमकाते कि उनके नवीनीकरण आवेदन में कमियां मिली हैं, इसे रद्द कर देंगे।