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सीबीआई की कार्रवाई: 163 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी में सेथर लिमिटेड सहित अन्य पर एफआईआर, जानें पूरा मामला
Mon, 14 Mar 2022 09:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 14 Mar 2022 09:42 PM IST
सार
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा बैंक संघ से लिए गए कर्ज का इस्तेमाल नियमों और शर्तों के अनुरूप नहीं था। कंपनी ने ऋण का दुरुपयोग किया।
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सीबीआई
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सीबीआई ने कैनरा बैंक से 163 करोड़ की ऋण धोखाधड़ी मामले में सेथर लिमिटेड, इसके चेयरमैन के सुब्बुराज और प्रबंध निदेशक एनके पोथीराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में 1981 में अपना काम शुरू किया था। यह कंपनी इंडस्ट्रियल बॉयलर, पावर सेक्टर के उपकरण आदि बनाती है। इसने इंडियन बैंक के नेतृत्व वाले आठ सदस्यीय बैंकों के संघ से 1344.96 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं।
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बैंक संघ में शामिल कैनरा बैंक ने कंपनी को 270.89 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। एफआईआर में कहा गया है कि 2015 में खाते को एनपीए घोषित किया गया। इसके बाद बैंक संघ के सदस्यों ने फोरेंसिक ऑडिट कराई जिसमें पता चला कि कंपनी को मकसद वित्तीय लेनदेन को छिपाने का था।
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एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा बैंक संघ से लिए गए कर्ज का इस्तेमाल नियमों और शर्तों के अनुरूप नहीं था। कंपनी ने ऋण का दुरुपयोग किया।
आय से अधिक संपत्ति मामले में ईडी के अफसर के खिलाफ मामला दर्ज
वहीं, सीबीआई ने चार वर्ष के दौरान करीब 37 लाख की आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक सहायक निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु में कार्यरत रहने के दौरान एक अप्रैल, 2016 को राजकुमार राम और उनकी पत्नी के नाम 1.18 लाख की संपत्ति थी, जो 31 मार्च, 2020 को 57 लाख हो गई। इस दौरान राम की कुल आय 1.34 करोड़ थी और उनका खर्च 1.16 करोड़ आंका गया। प्राथमिकी के मुताबिक सीबीआई ने इस मामले में 37 लाख की संपत्ति को आय से अधिक माना है। राम वर्तमान में गुवाहाटी में कार्यरत हैं।