डीआरआई के एडीजी तीन करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार
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सीबीआई ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी को तीन करोड़ रुपये घूस लेने के मामले में बुधवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान डीआरआई के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) चंद्रशेखर के रूप में हुई है। जांच एजेंसी ने दो बिचौलियों को भी गिरफ्तार है, जो एडीजी शेखर की ओर से घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए।
जांच एजेंसी ने एडीजी शेखर के नोएडा, दिल्ली और लुधियाना के ठिकानों को खंगाला। सीबीआई ने बताया कि शेखर लुधियाना में डीआरआई के एडीजी के रूप में तैनात हैं। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, अनूप जोशी और राजेश ढांडा को 25 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जो शेखर की ओर से घूस ले रहे थे।
पूछताछ में एडीजी शेखर का नाम सामने आया। संदेह के घेरे में आए एडीजी को बाद में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी का कहना है कि जोशी क्लीयरिंग हाउस का एजेंट है, जबकि ढांडा एडीजी शेखर का करीबी दोस्त है। सीबीआई एडीजी शेखर से पूछताछ कर रही है।
जून में डीआरआई ने मारा था छापा
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि डीआरआई ने पिछले साल जून में विभिन्न निर्यातकों को सेवा उपलब्ध कराने वाली एक निजी क्लीयरिंग एजेंसी के यहां छापा मारा था। इस दौरान डीआरआई ने एक निर्यातक से जुड़े कुछ दस्तावेज जब्त किए थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जोशी और ढांडा ने एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत के रूप में 25 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए जोशी और ढांडा को सीबीआई ने दबोच लिया।