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DHFL Case: सीबीआई को बड़ी सफलता, डीएचएफएल बैंक फ्रॉड मामले में छोटा शकील का करीबी गिरफ्तार
Wed, 13 Jul 2022 10:46 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 13 Jul 2022 10:46 PM IST
सार
बताया गया है कि नवनदार दाऊद इब्राहिम के सहयोगी छोटा शकील का करीबी है। सीबीआई जल्द ही उससे पूछताछ शुरू कर सकती है।
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dhfl
- फोटो : Amar ujala
विस्तार
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने आज ही डीएचएफएल से जुड़े 34 हजार 615 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में आरोपी अजय रमेश नवनदार को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि नवनदार दाऊद इब्राहिम के सहयोगी छोटा शकील का करीबी है। सीबीआई जल्द ही उससे पूछताछ शुरू कर सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आठ जुलाई की पूछताछ के दौरान नवानदार की भूमिका सामने आई। सीबीआई ने आठ जुलाई को नवांदार के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में करीब 35 करोड़ की रोलेक्स ओयस्टर, कार्टियर, ओमेगा और हुब्लोट मिशेल कोर्स जैसी कीमती घड़ियां पेंटिंग और मूर्तियां बरामद की गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक तलाशी के दौरान बरामद बेशकीमती वस्तुएं डीएचएफएल के कपिल वधावन और धीरज वधावन की थी। सीबीआई ने इस मामले में दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल), उसके सीएमडी कपिल वधावन, निदेशक धीरज वधावन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है।
कर चोरी के मामले में बंगलूरू की दवा कंपनी पर आईटी का छापा
वहीं, आयकर विभाग ने बुधवार को कथित अनियमितताओं और कर चोरी के आरोप में बंगलूरू स्थित दवा कंपनी के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 6 जुलाई को 9 राज्यों में फैले कंपनी के 36 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। इस संबंध में ही यह कार्रवाई की गई।
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सीबीडीटी के अनुसार, इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल के रूप में आपत्तिजनक सबूत मिले हैं, जिन्हें सील कर दिया गया। इसके अलावा 1.20 करोड़ रुपये की अवैध नकदी और 1.40 करोड़ रुपये के सोने व हीरे के आभूषण जब्त किए गए। जांच के दौरान पता चला कि दवा कंपनी ने अपने ब्रांड व उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए अनैतिक तरीकों का पालन किया। सूत्रों के मुताबिक, यह कर चोरी करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की हो सकती है।
आईएएस अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार
वहीं, सीबीआई ने बुधवार को 2011 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी के राजेश को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया। वे चल रही जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन पर रिश्वत के खिलाफ बंदूक लाइसेंस देने और प्रभावशाली लोगों के पक्ष में जमीन नियमित करने का आरोप था। सीबीआई सूत्रों ने यह जानकारी दी।
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अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आठ जुलाई की पूछताछ के दौरान नवानदार की भूमिका सामने आई। सीबीआई ने आठ जुलाई को नवांदार के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में करीब 35 करोड़ की रोलेक्स ओयस्टर, कार्टियर, ओमेगा और हुब्लोट मिशेल कोर्स जैसी कीमती घड़ियां पेंटिंग और मूर्तियां बरामद की गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक तलाशी के दौरान बरामद बेशकीमती वस्तुएं डीएचएफएल के कपिल वधावन और धीरज वधावन की थी। सीबीआई ने इस मामले में दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल), उसके सीएमडी कपिल वधावन, निदेशक धीरज वधावन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है।
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कर चोरी के मामले में बंगलूरू की दवा कंपनी पर आईटी का छापा
वहीं, आयकर विभाग ने बुधवार को कथित अनियमितताओं और कर चोरी के आरोप में बंगलूरू स्थित दवा कंपनी के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 6 जुलाई को 9 राज्यों में फैले कंपनी के 36 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। इस संबंध में ही यह कार्रवाई की गई।
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सीबीडीटी के अनुसार, इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल के रूप में आपत्तिजनक सबूत मिले हैं, जिन्हें सील कर दिया गया। इसके अलावा 1.20 करोड़ रुपये की अवैध नकदी और 1.40 करोड़ रुपये के सोने व हीरे के आभूषण जब्त किए गए। जांच के दौरान पता चला कि दवा कंपनी ने अपने ब्रांड व उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए अनैतिक तरीकों का पालन किया। सूत्रों के मुताबिक, यह कर चोरी करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की हो सकती है।
आईएएस अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार
वहीं, सीबीआई ने बुधवार को 2011 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी के राजेश को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया। वे चल रही जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन पर रिश्वत के खिलाफ बंदूक लाइसेंस देने और प्रभावशाली लोगों के पक्ष में जमीन नियमित करने का आरोप था। सीबीआई सूत्रों ने यह जानकारी दी।