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कावेरी जल विवाद: तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के प्रस्ताव को देंगे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, बोले सिद्धारमैया

Wed, 27 Sep 2023 01:31 PM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 27 Sep 2023 01:31 PM IST
सार

कावेरी जल विवाद मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि उन्होंने पानी छोड़े जाने को लेकर अपने अधिवक्ताओं से बात कर ली है। अब वह सुप्रीम कोर्ट में तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

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Cauvery Water Dispute: Siddaramaiah challenge 3 thousand cusecs water release order in Supreme Court
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : Social Media

विस्तार

कावेरी जल विवाद मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि उन्होंने पानी छोड़े जाने को लेकर अपने अधिवक्ताओं से बात कर ली है। सीएम ने कहा है कि कावेरी जल नियामक समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने 3000 क्यूसेक पानी छोड़ने का प्रस्ताव रखा है, मैंने पहले ही अपने अधिवक्ताओं से बात कर ली है, उन्होंने हमें इस प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का सुझाव दिया है। हम इसे न्यायालय में चुनौती देंगे। हमारे पास तमिलनाडु को देने के लिए पानी नहीं है। हम सीडब्ल्यूआरसी के आदेशों को चुनौती दे रहे हैं।

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विरोध में बुलाया गया था बंगलुरू बंद
बता दें कि तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के विरोध में भाजपा और जेडीएस द्वारा समर्थित किसानों और कन्नड़ संगठनों द्वारा मंगलवार को बंगलुरू बंद बुलाया गया था। इसका आंशिक असर भी देखने को मिला था।
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भाजपा और जेडीएस पर राजनीतिकरण करने का आरोप
वहीं, बंगलुरू बंद पर सीएम सिद्धारमैया ने मंगलवार को विपक्षी भाजपा और जेडीएस पर कावेरी विवाद का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा और जेडीएस कावेरी विवाद पर राजनीति कर रहे हैं। वे राज्य के लोगों के लिए नहीं बल्कि राजनीति के लिए मामले को बढ़ा रहे हैं। 
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने और बंद का आह्वान करने का अधिकार है, लेकिन अदालत ने इसपर रोक लगा दी है। इसलिए धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कानून को अपने हाथ में न ले और जनता को कोई परेशानी न हो। 


सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन करने दीजिए, हम इसके विरोध में नहीं हैं, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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