Cashless Treatment: अब छह एम्स में सीजीएचएस लाभार्थियों का कैशलेस इलाज, दावों के झंझट से मिलेगी मुक्ति
नई प्रक्रिया के तहत सीजीएचएस को पेंशनरों और पात्र लाभार्थियों के बिल अब एम्स प्रबंधन की ओर से भेजे जाएंगे, जहां से 30 दिनों के भीतर उन्हें भुगतान प्राप्त होगा। इससे लाभार्थियों के समय की बचत होगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और व्यक्तिगत दावों के निपटान में तेजी के साथ किए जा सकेंगे।
विस्तार
भोपाल, भुवनेश्वर, पटना, जोधपुर, रायपुर और ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में अब सभी केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) लाभार्थियों और पेंशनभोगियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध होगा। ये सुविधा उन्हें अस्पतालों में ओपीडी, जांच और इनडोर उपचार में मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह घोषणा शनिवार को की। इसको लेकर अधिकारियों ने शनिवार को एम्स प्रबंधनों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इन सभी छह एम्स में लाभार्थियों को अत्याधुनिक रोगी देखभाल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
मंत्रालय ने कहा, इस योजना से वरिष्ठ नागरिकों (सेवानिवृत्त पेंशनभोगी) को विशेष लाभ मिलेगा, क्योंकि स्वास्थ्य खर्चों के दावों और औपचारिकताओं को पूरा करने में उन्हें खासी दौड़-भाग करने पड़ती है। इसके पहले अस्पताल में उन्हें पहले अपने मेडिकल बिलों का भुगतान करना होता था, उसके बाद प्रतिपूर्ति के लिए सीजीएचएस के समक्ष खर्चों का दावा पेश किया जाता था। इससे उन्हें खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
▶️CGHS Pensioners and other entitled categories of CGHS beneficiaries will be eligible for cashless treatment in OPD, investigations and Indoor treatment at these 6 AIIMS #HealthForAll pic.twitter.com/8aGVcXn4h0
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) May 20, 2023
30 दिन में होगा भुगतान
नई प्रक्रिया के तहत सीजीएचएस को पेंशनरों और पात्र लाभार्थियों के बिल अब एम्स प्रबंधन की ओर से भेजे जाएंगे, जहां से 30 दिनों के भीतर उन्हें भुगतान प्राप्त होगा। इससे लाभार्थियों के समय की बचत होगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और व्यक्तिगत दावों के निपटान में तेजी के साथ किए जा सकेंगे। लाभार्थी को एम्स में इलाज के लिए वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
स्थापित होगी अलग हेल्प डेस्क और लेखा प्रणाली
इसके अलावा एम्स में सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए अलग हेल्प डेस्क और लेखा प्रणाली स्थापित की जाएगी। ओपीडी उपचार या अस्पताल से छुट्टी के समय एम्स में डॉक्टरों की ओर से निर्धारित दवाएं सीजीएचएस के माध्यम से लाभार्थियों को प्रदान की जाएंगी।
जल्द ही दिल्ली एम्स, चंडीगढ़ का पीजीआई भी जुड़ेगा
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, सीजीएचएस स्वास्थ्य मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण सेवा-उन्मुख वर्टिकल है। रोगियों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार अधिक से अधिक अस्पतालों को सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध करने का प्रयास कर रही है। जल्द ही नई दिल्ली में एम्स, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ और पुदुचेरी में जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च को भी सूचीबद्ध किया जाएगा।