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हैदराबाद की कंपनी ने की 4,736 करोड़ की धोखाधड़ी, सीबीआई ने केस किया दर्ज

Sun, 10 Jan 2021 12:19 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Sun, 10 Jan 2021 12:19 AM IST
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Case registered against Hyderabad company and its directors for fraud of Rs 4,736 crore
CBI
सीबीआई ने हैदराबाद की कंपनी कोस्टल प्रोजेक्ट और उसके निदेशकों के खिलाफ 4,736 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया है। एजेंसी ने हैदराबाद व विजयवाड़ा में इनके ठिकानों पर छापा मारकर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से कर्ज लेकर धोखाधड़ी की।
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बैंक की शिकायत के मुताबिक इस निर्माण कंपनी ने 2013 से 2018 के बीच बैंक गारंटी के लिए फर्जी बही खाते और वित्तीय विवरण दिखाए। सीबीआई ने कंपनी के अलावा उसके चेयरमैन एस सुरेंद्र, एमडी जीएच राव, निदेशक एससी निवार्थी, शरद कुमार, जीके रामौली, के अंजम्मा तथा एक अन्य कंपनी रवि कैलास बिल्डर और इसके निदेशक रमेश पशुपुलेतु और जीके ईरानी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया, कंपनी ने कथित तौर पर प्रमोटरों के योगदान पर गलत जानकारी दी और बैंक से लिए कर्ज का दूसरे कामों में इस्तेमाल किया। कंपनी का कर्ज खाता 28 अक्टूबर, 2013 से डूबा हुआ कर्ज बन गया था। बीते साल फरवरी में इसे धोखाधड़ी घोषित किया गया। 
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सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, एसबीआई की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी निर्माण कंपनी ने 2013 से 2018 के बीच पांच साल की अवधि के दौरान अवास्तविक बैंक गारंटी राशि को वास्तविक निवेश के रूप में दिखाने के लिए झूठे खाता बही और वित्तीय विवरण तैयार किए। उन्होंने कहा कि एसबीआई की यह शिकायत अब प्राथमिकी का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने साथ ही प्रमोटरों के योगदान के बारे में कथित तौर पर गलत जानकारी दी और बैंक राशि के गबन के लिए संबंधित पक्षों से प्राप्तियों को निवेश में तब्दील किया।

कंपनी का ऋण खाता 28 अक्टूबर, 2013 के पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) बन गया और बाद में पिछले साल 20 फरवरी को धोखाधड़ी घोषित कर दिया गया।


जोशी ने कहा कि आरोपियों के हैदराबाद और विजयवाड़ा स्थित आवासीय और आधिकारिक परिसरों में छापेमारी की गई जहां से कई दस्तावेज और अन्य सामग्री के बरामद हुई। 

 
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