कोरोना की आड़ में नहीं बचेंगे लापरवाह कर्मी, वीडियो कांफ्रेंसिंग से निपटेंगे अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामले
डीओपीटी ने अब सभी मंत्रालयों और विभागों को पत्र भेज कर कहा है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के सभी मामले फौरन निपटाए जाएं। इसके लिए संबंधित कर्मी या अधिकारी के आने का इंतजार न करें। ऐसे सभी मामलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की मदद ली जाए...
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कोरोना संक्रमण की वजह से विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में लापरवाह कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई बाधित हो गई थी। कई मंत्रालय ऐसे भी हैं, जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आरोपी अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके लिए कोरोना का बहाना बनाया गया।
डीओपीटी ने अब सभी मंत्रालयों और विभागों को पत्र भेज कर कहा है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के सभी मामले फौरन निपटाए जाएं। इसके लिए संबंधित कर्मी या अधिकारी के आने का इंतजार न करें। ऐसे सभी मामलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की मदद ली जाए।
डीओपीटी के मुताबिक, कई मंत्रालयों में यह देखने को मिला है कि कोरोना संक्रमण के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया रोक दी गई या वह बहुत धीमी हो चली है। अब सभी जांच अधिकारियों को यह हिदायत दी गई है कि वह दुर्व्यवहार के मामले निपटाने में तेजी लाएं।
जहां पर घटना हुई है, वहां से तमाम रिपोर्ट एकत्र कर गवाही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए आने-जाने में कोई दिक्कत है तो वीडियो कांफ्रेंसिंग की मदद लें। इस प्रणाली की मदद से आने-जाने की परेशानी को बहुत हद तक खत्म किया जा सकता है।
डीओपीटी ने कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी को यह निर्देश दिया है कि वह ऐसे मामलों में संबंधित विभाग को वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा मुहैया कराए।