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Naxal: सीएपीएफ ने नक्सलियों के गढ़ में स्थापित किए 194 से अधिक कैंप, सुरक्षा बलों के लिए 12 हैलीकॉप्टर्स तैनात

Mon, 07 Oct 2024 07:24 PM IST
शिव शुक्ला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Mon, 07 Oct 2024 07:24 PM IST
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सार
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एलडब्लूई प्रभावित सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और हमारे 8 करोड़ आदिवासी भाइयों और बहनों की इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।
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CAPF established more than 194 camps in Naxalite stronghold, deployed 12 helicopters for security forces
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एलडब्लूई प्रभावित सभी राज्य, कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार एवं राज्य, मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं। 2019 से मोदी सरकार ने माओवादियों को खत्म करने के लिए एक बहुकोणीय रणनीति पर अमल शुरू किया है। इसके तहत केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती के लिए वैक्यूम ढूंढे गए। इसके परिणामस्वरूप एक ही साल में 194 से अधिक कैंप स्थापित किए गए। यह एक बहुत बड़ी सफलता है। पहले जहां 2 हैलीकॉप्टर्स जवानों की सेवा में तैनात थे, आज 12 हैलीकॉप्टर्स (6 बीएसएएफ और 6 एयर फोर्स) तैनात किए गए हैं।



सोमवार को नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्लूई) पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने यह बात कही है। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्री, बिहार के उपमुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री शामिल हुईं। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने में राज्यों का सहयोग कर रहे केन्द्रीय मंत्रालयों के मंत्री भी उपस्थित थे। इसके अलावा केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, एलडब्लूई प्रभावित राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एलडब्लूई प्रभावित सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और हमारे 8 करोड़ आदिवासी भाइयों और बहनों की इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत का सही अर्थ है कि देश की 140 करोड़ की जनता तक विकास पहुंचे, जिनमें हमारे 8 करोड़ जनजातीय भाई-बहन भी शामिल हैं। विकास को सही मायनों में दूरदराज के इलाकों और जनजातीय लोगों तक पहुंचाने में सबसे बड़ी बाधा आज नक्सलवाद है। नक्सलवाद गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और डाक सेवाएं आदि नहीं पहुंचने देता। शाह ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए हमें नक्सलवाद को समूल नष्ट करना होगा। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2019 से 2024 तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। हम, केन्द्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों से वामपंथी अंधकार की जगह संविधान प्रदत्त अधिकारों को जगह देना और वामपंथी हिंसक विचारधारा की जगह विकास एवं विश्वास का एक नया युग शुरू करना चाहते हैं। शाह ने कहा, हम वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस और सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत इंप्लीमेंटेशन से एलडब्लूई-प्रभावित क्षेत्रों को पूर्ण विकसित बनाना चाहते हैं। वामपंथी उग्रवाद से लड़ने के लिए सरकार ने दो रूल आफ लॉ तय किए थे। पहला, नक्सलवाद-प्रभावित क्षेत्रों में कानून का राज स्थापित करना और गैरकानूनी हिंसक गतिविधियों को पूर्णतया बंद करना। दूसरा, लंबे नक्सली आंदोलन के कारण जो क्षेत्र विकास से महरूम रहे, वहां उस क्षति को तेजी से भरना।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, 30 साल में पहली बार वर्ष 2022 में वामपंथी उग्रवाद की मृत्यु की संख्या 100 से कम रही, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 के बीच नक्सलवाद की बहुत कम घटनाएं दर्ज की गईं। 

इसके अलावा, 14 शीर्ष नक्सली नेताओं को न्यूट्रलाइज किया गया और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का ग्राफ भी ऊपर चढ़ा है। शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई आज अपने अंतिम चरण में है। मार्च, 2026 तक सभी के सहयोग से देश दशकों पुरानी इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति पा लेगा। उन्होंने कहा, आज बूढ़ा पहाड़ और चकरबंधा जैसे कई क्षेत्र वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में एलडब्लूई की 85 प्रतिशत कॉडर स्ट्रैंथ समाप्त कर दी गई है। अब नक्सलवाद पर एक अंतिम प्रहार करने की जरूरत है। 45 पुलिस स्टेशनों के माध्यम से सुरक्षा वैक्यूम को खत्म कर, राज्य इंटेलीजेंस की शाखाओं को सुदृढ़ करने और राज्यों के विशेषबलों के बहुत अच्छे प्रदर्शन से हमें अपनी रणनीति में सफलता मिली है। हैलीकॉप्टर के प्रावधान से हमारे जवानों की मृत्यु की संख्या में बहुत कमी आई है। 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में इस साल जनवरी से अब तक कुल 237 नक्सली मारे गए, 812 गिरफ्तार हुए और 723 ने आत्मसमर्पण किया है। गृह मंत्री ने नक्सलवाद से जुड़े युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर देश के विकास में योगदान देने की अपील की। नॉर्थ ईस्ट, कश्मीर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 13 हज़ार से ज्यादा लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। उन्होंने नक्सलवाद में लिप्त युवाओं से कहा कि सभी राज्यों ने उनके पुनर्वास के लिए हितकर योजनाएं बनाई हैं। नक्सलवाद से कभी किसी का फायदा नहीं होगा, ये बात अब पूरी तरह सिद्ध हो चुकी है। सुरक्षा संबंधी व्यय योजना में 2004 से 2014 तक 1180 करोड़ रूपए खर्च हुए थे, जिसे मोदी सरकार ने लगभग 3 गुना बढ़ाकर बढ़ाकर 2014 से 2024 के बीच 3,006 करोड़ रूपए कर दिया है। एलडब्लूई के प्रबंधन के लिए केन्द्रीय एजेंसियों को सहायता योजना में 1055 करोड़ रूपए दिए गए। विशेष केन्द्रीय सहायता एक नई योजना है जिसके तहत मोदी सरकार ने पिछले 10 साल में 3590 करोड़ रूपए खर्च किए हैं। अब तक कुल मिलाकर 14367 करोड़ रूपए अनुमोदित किए गए हैं, जिसमें से 12000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच 10 साल में 66 फोर्टीफाइड पुलिस स्टेशन बनाए गए थे, जबकि 2014 से 2024 के मध्य के 10 साल में 544 बनाए गए हैं। 2014 से पहले के 10 साल में 2900 किलोमीटर सड़क नेटवर्क निर्माण हुआ था, जो पिछले 10 साल में बढ़कर 14,400 किलोमीटर हो गया है। इसके साथ ही मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए 2004 से 2014 तक कोई प्रयास नहीं हुए थे, जबकि 2014 से 2024 में 6000 टावर लगा दिए गए हैं। उसमें से 3551 टावर को 4G बनाने का काम भी समाप्त हो गया है। 2014 से पहले मात्र 38 एकलव्य मॉडल स्वीकृत हुए थे, अब पिछले 10 साल में 216 स्कूल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 165 एकलव्य मॉडल स्कूल अस्तित्व में आ गए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि ये सभी प्रयास यह बताते हैं कि हमने कितनी शिद्दत के साथ विकास को गति देने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा, 2004 से 2014 के बीच 10 साल में 16463 हिंसा की घटनाएं हुई थी, जो लगभग 53% की कमी के साथ अब घटकर 7700 तक सीमित रह गई हैं। इसी प्रकार नागरिकों और सुरक्षाबलों की मृत्यु में 70% की कमी हुई है। हिंसा रिपोर्ट करने वाले 96 जिले, अब 57 प्रतिशत की कमी के साथ घटकर 16 रह गए हैं। हिंसा की सूचना देने वाले पुलिस स्टेशन भी 465 में से 171 रह गए हैं, जिनमें से 50 पुलिस स्टेशन नए बने हैं। यह सफलता सभी राज्यों और केन्द्र सरकार के साझा प्रयासों का परिणाम है। हमें इसे और दृढ़ता तथा स्फूर्ति के साथ आगे बढ़ाना है। नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ में मिली सफलता हम सबको प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित सभी जिलों में विकास का एक नया अभियान चलाया है। व्यक्तिगत और परिवार कल्याण की भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की लगभग 300 योजनाओं के 100% सैचुरेशन का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं के कारण अब गांव में स्कूल, सस्ता अनाज, सस्ती दवाइयां, पब्लिक हेल्थ सेंटर आदि पहुंचे हैं। अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा वैक्यूम को भरने के लिए 2019 से अब तक हमने 280 नए कैंप बनाए हैं, 15 नए जॉइंट टास्क फोर्स बनाए हैं। 

अलग-अलग राज्यों में राज्य पुलिस की सहायता के लिए सीआरपीएफ की 6 बटालियन भेजी हैं। इसके साथ ही एनआईए को भी सक्रिय कर नक्सलियों के वित्तपोषण को रोकने की एक ऑफेंसिव रणनीति अपनाई है। इसके कारण उनके पास आर्थिक संसाधनों की कमी हो गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कई दिनों तक चलने वाले अनेक ऑपरेशन चलाए गए, जिससे नक्सली घिर जाते हैं और उन्हें भागने का मौका नहीं मिलता है। मोदी सरकार ने फ्लैगशिप योजनाओं के अलावा सड़क कनेक्टिविटी, टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं में सुधार, वित्तीय समावेशन कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण आदि जैसे महत्वपूर्ण विकास के बिंदुओं पर बहुत बाल देकर काम किया है। इसके अच्छे नतीजे भी मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2 अक्टूबर को झारखंड की धरती से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरूआत की। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15000 से ज्यादा गांवों और लगभग डेढ़ करोड़ की आबादी को व्यक्तिगत सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्र के संपूर्ण सैचुरेशन के लिए धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। मोदी सरकार 3-C यानि रोड कनेक्टिविटी, मोबाइल कनेक्टिविटी और फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है। गृह मंत्री ने कहा, नक्सलवाद आदिवासी क्षेत्रों के विकास में सबसे बड़ी बाधा और संपूर्ण मानवता का दुश्मन होने के साथ ही मानवाधिकारों का सबसे बड़ा हनन करने वाला भी है। 8 करोड़ लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना मानवाधिकार का सबसे बड़ा हनन है। हजारों निर्दोष आदिवासी भाई-बहन नक्सलियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंगों से मारे जाते हैं और नक्सलवाद के कारण ही इन क्षेत्रों में विकास रुका हुआ है। 

नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए ज़रूरी है कि हम एक फाइनल पुश देकर इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दें। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से महीने में एक बार और पुलिस महानिदेशकों से कम से कम 15 दिन में एक बार विकास और नक्सलविरोधी अभियानों का रिव्यू करने को कहा। अमित शाह ने कहा कि हमें नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में काम करना चाहिए। हमें अप्रैल, 2026 में देश की जनता की सामूहिक ताकत के ज़रिए देश को ये बताना है कि राज्य सरकारों और केंद्र सरकार ने मिलकर नक्सलवाद की समस्या को पूर्णतया समाप्त कर दिया है। इसके बाद विकास के रास्ते में कोई बाधा नहीं आएगी, कभी भी मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं होगा और आईडियोलॉजी के नाम पर हिंसा भी नहीं होगी।

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