केंद्र के गले की फांस बना स्वदेशी बनाम विदेशी: आयातित वस्तुएं हटाते ही खाली हो गईं थीं सीएपीएफ कैंटीन
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कैंटीन में एक जून से 1026 आयातित वस्तुओं पर रोक लगाने का आदेश जारी होने के कुछ घंटों के भीतर ही वापस ले लिया गया। सूत्रों का कहना है कि यह आदेश इसलिए वापस लिया गया है, क्योंकि इसकी वजह से कैंटीन लगभग खाली हो गईं थीं।
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केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार का देश 29 मई को जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि कैंटीन के उत्पादों को अब तीन भागों में बांट दिया गया है। पहला वे उत्पाद जो पूर्णत: स्वदेशी हैं। दूसरा, कच्चा माल जो बाहर से आया है, लेकिन उन्हें तैयार अपने देश में किया गया है। तीसरा, पूरी तरह से आयातित उत्पाद।
एक जून से लागू होने वाले आदेश में कहा गया था कि पहली और दूसरी श्रेणी में आने वाली वस्तुओं की बिक्री होगी। तीसरी श्रेणी की वस्तुओं को सूची से बाहर किया जाएगा। आदेश की प्रति मीडिया में पहुंचने पर सरकार ने आदेश को वापस लेने की बात कही। गृह मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही नए आदेश जारी किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2020 में कहा था कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब लोकल प्रॉडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) का उपयोग करना होगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की थी कि खादी की तरह वे दूसरे उत्पादों में भी स्वदेशी को तव्वजो दें। उनकी इस अपील पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने सबसे पहले काम करना शुरू किया।
एक जून 2020 से देशभर की सभी ऐसी कैंटीनों पर यह नियम लागू करने की बात कही गई। इन कैंटीनों और स्टोर की कुल खरीद लगभग 2800 करोड़ रुपये है। लगभग 10 लाख सुरक्षा कर्मी और उनके 50 लाख परिजन कैंटीन और स्टोर का इस्तेमाल करते हैं।
जब आयातित वस्तुओं की सूची बनाई गई तो कैंटीन में कुछ नहीं बचा
कैंटीन में अभी तक जो सामान बिक रहा था, उसमें ज्यादातर वस्तुएं ऐसी हैं जो किसी बाहरी कंपनी से संबंधित हैं। भले ही उसकी डीलरशिप स्थानीय व्यक्ति के पास है, लेकिन वह उत्पाद पूरी तरह से आयातित हैं। कैंटीन महकमा देखने वाले एक अधिकारी का कहना था कि हमने आदेशानुसार उन सभी उत्पादों की सूची बना ली थी, जिनका निर्माण भारत से बाहर हुआ है।
जब सूची तैयार हुई तो पता चला कि अगर ये सभी उत्पाद डी-लिस्ट हो गए तो कैंटीन में कुछ बचेगा ही नहीं। शाम को सीआरपीएफ ने भी कह दिया कि कैंटीन को लेकर सामानों की जो सूची जारी हुई है, वह गलत है। नेस्ले, नीलकमल, गोदरेज, विप्रो, मार्स इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बहुत सी नामी कंपनियों के उत्पाद कैंटीन की लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
इन फर्मों के द्वारा आयात किए गए सामान पर रोक
- ब्राइट कमोडिटीज ओन
- फ्रेरो इंडिया प्रा.लि. न्यूटेला किंडर जॉय व टिक टेक
- स्केचर साउथ एशिया प्राइवेट लि. स्केचर्स
- श्रीनिवास एजेंसी इलेक्ट्रॉन
- विक्टोरीनोक्स इंडिया प्रा.लि मेग्लाइट, म्यूला, कैटाडिम स्विस गीयर, विक्टोरीनोक्स,
- रेडबुल इंडिया प्रा.लि. रेडबुल
- सफीलो इंडिया प्रा.लि. पोलारोइड, करेरा
ये फर्म हैं, जिन्होंने अपने उत्पादों की जानकारी मुहैया नहीं कराई तो रोकी सप्लाई
- ग्रुप सेब इंडिया प्रा.लि. महाराजा व्हाइट लाइन
- लिबर्टी ऑयल मिल्स लि. अंबर रिफाइंड, चांदना वनस्पति,
- इंपोर्टेड, फ्राइडे लाइट, निर्मल
- मिर्जा इंटरनेशनल लि. रेड टेप और बॉंड स्ट्रीट
- सफेचेम इंडस्ट्रीज सफेद, ब्राइटो, स्पार्कल, सुपर
- क्विक, चैंपियन
- शॉलीभद्रा प्रा.लि. सोनारी
- सुपर हाउस लि. एलेनकूपर
इन फर्मों के आयातित प्रोडेक्ट पर लगी रोक
फर्म का नाम प्रोडक्ट की संख्या
एबोट हेल्थकेयर प्रा.लि 1
एस्ट्रॉन एंटरप्राइजेज प्रा.लि 2
बैगजॉन लाइफ स्टाइल 1
बजाज इलेक्ट्रीकल लि. 44
बजोरिया एप्लीकेशन 37
ब्लू स्टार लि. 10
बोरोसिल ग्लास 9
ब्रेंड कन्सेप्ट 22
ब्राइट कोमोडिटीज 8
करगिल इंडिया प्रा.लि 7
केविन केयर 12
सैलो सेल एंड मार्केटिंग 136
क्लासिक इंर्पोट प्रा. 11
कोलगेट पामोलिव इंडिया लि. 10
कंफर्ट इंटरनेशनल 4
डेल्सी इंडिया प्रा. 12
धीर मार्केटिंग इंडिया 5
दुगार ओवरसीज लि. 51
ईगल होम एप्लाइंसेस लि. 11
यूरेका फोब्स लि. 4
गेबी प्रोडेक्ट 1
जीप इंडस्ट्री प्रा लि. 3
गोदरेज एंड बॉयस 1
गोल्ड स्टार फुटवीयर 4
हेमिल्टन हाउसवेयर 42
हेवल्स इंडिया लि. 1
लायड्स इंडिया लि. 9
हिन्दुस्तान यूनीलीवर फूड 3
एचयूएल जीएसके 2
जेक्वुार 6
केन प्राइवेट लि. 6
पेनासोनिक एप्लीकेशन 17
पेनासोनिक इंडिया प्रा. 16
पिफलिप्स इंडिया लि. 24
प्रोक्टर एंड गेंबल जिलेट इंडिया 15
विप्रो इंटरनेशनल, उषा, डाबर 17
प्रिंस र्कोप 6