पूर्व चुनाव आयुक्त का सुझाव, चुनाव जीतने के लिए 33 फीसदी वोट पाना हो अनिवार्य
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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने सुझाव दिया है कि किसी भी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए कम से कम 33 फीसदी वोट पाना अनिवार्य किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि कृष्णमूर्ति का सुझाव चुनाव सुधारों की दिशा में नई बहस को जन्म दे सकता है।
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कृष्णमूर्ति ने भारत की मौजूदा चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे महज 20 फीसदी वोट पड़ने के बाद भी एक उम्मीदवार चुनाव जीत है और वो भी एक वोट के अंतर से। उन्होंने कहा कि मौजूदा पद्घति को हटाकर नई व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जिसमें कम से कम एक तिहाई वोट पाने वाला व्यक्ति ही विजेता घोषित किया जाना चाहिए।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि मौजूदा प्रणाली के कारण जाति, भाषा और धर्म आधारित राजनीतिक दलों का विस्तार हुआ है। अगर मेरे सुझाव को माना गया तो चुने गए प्रतिनिधि सदन में संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकेंगे और वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।
बीजेपी ने पहली बार उठाई थी ऐसी मांग
उल्लेखनीय है कि मौजूदा चुनाव पद्घति पर चर्चा की मांग पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने उठाई थी। बीजेपी ने पिछले लोकसभा चुनाव में 31 फीसदी वोट पाया था और 30 सालों बाद लोकसभा में पूर्ण बहुमत पाने वाली पहली पार्टी बनी थी।
चुनाव सुधार और चुनावी प्रक्रिया को अपराधमुक्त बनाने की मांग सुप्रीम कोर्ट भी उठाता रहा है। कृष्णमूर्ति ने कहा कि सरकारों में इच्छशक्ति की कमी के कारण चुनाव सुधारों के लिए दिए गए सुधारों पर अमल नहीं हो पा रहा है। पेड न्यूज को अपराध घोषित करने से जैसे सुझाव कानून मंत्रालय के पास सालों से पड़े हैं।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि चुनाव आयोग को अधिक सक्षम बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के लिए भी अलग कानून होना चाहिए।