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5 राज्यों के उम्मीदवारों को भरना होगा फॉर्म-26, दागी उम्मीदवारों के विज्ञापन प्रारूप को मिली मंजूरी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 10 Oct 2018 11:26 PM IST
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राजनीति
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राजनीति को अपराधीकरण से मुक्त करने के चुनाव आयोग के हलफनामे पर विधि मंत्रालय ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिख कर नए हलफनामे के बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव आयोग की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक सभी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ फॉर्म-26 भरना अनिवार्य होगा। जिसमें उन चल रहे अपराधिक मुकदमों के अलावा संपत्तियों, देनदारियों के साथ शैक्षणिक उपलब्धियों को भी जिक्र होगा।
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चुनाव आयोग ने राजनीति को अपराधीकरण से मुक्त करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर विधि मंत्रालय को हलफनामे के फॉर्म में कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया था। जिसे विधि आयोग ने बुधवार को ही अपनी मंजूरी प्रदान की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सभी उम्मीदवारों को चुनाव आयोग के समक्ष सभी जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी बोल्ड लैटर्स में देनी होगी। वहीं अगर कोई उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है, तो उसे उन मुकदमों के बारे में पार्टी को बताना होगा। वहीं संबंधित राजनीतिक दल को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के बारे में सूचना अपनी वेबसाइट पर देनी होगी।
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इसके अलावा आपराधिक छवि के उम्मीदवारों या उन्हें टिकट देने वाले राजनीतिक दलों को उनकी पृष्ठभूमि के बारे में अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तीन बार विज्ञापन प्रकाशित करना होगा, ताकि जनता को उनके बारे में पता चल सके। चुनाव आयोग की कोशिश थी कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में चुनाव से पहले विज्ञापन के प्रारूप को मंजूरी मिल जाए। विधि मंत्रालय में विधायी विभाग निर्वाचन आयोग के लिए नोडल एजेंसी है जो ऐसे प्रारूपों को देखता है और जरूरत पड़ने पर तय प्रारूप में कोई संशोधन भी सुझाता है।
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